संवाददाता,पटना राज्यभर में सड़क दुर्घटना के बाद घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए काम तेजी से हो रहा है. परिवहन विभाग ने भी इस साल दिसंबर तक 19 जिलों को स्वास्थ्य नेटवर्क यानी एंबुलेंस, आपातकालीन नंबर एवं अस्पताल से जोड़ने का काम पूरा करने निर्णय लिया है. इन जिलों में अधिक दुर्घटना : अधिकारियों के मुताबिक कैमूर, सुपौल, बक्सर, मधेपुरा, कटिहार, बांका, भोजपुर,अरवल, सीवान, खगड़िया, शिवहर,गोपालगंज,शेखपुरा,मुजफफरपुर, रोहतास, नालंदा, मधुबनी, औरंगाबाद, जमुई व पूर्णिया में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं. इन जिलों को सरकारी व निजी अस्पतालों से जोड़ा जायेगा.सड़क दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर तुरंत एंबुलेंस पहुंचे. इसके लिए सरकारी व निजी एंबुलेंस को एक नेटवर्क में जोड़ा जायेगा. साथ ही ,सभी एंबुलेंस एक आपातकालीन नंबर पर उपलब्ध रहेगा. इस योजना को अंतिम रूप देने के लिए परिवहन विभाग की समीक्षा के बाद दुर्घटना प्रवण क्षेत्रों से एंबुलेंस की जियो टैगिंग की जायेगी ओवरस्पीड रोकने के लिए खरीदे जायेंगे 58 इंटरसेप्टर. परिवहन विभाग ने बिहार में ओवरस्पीड, लहरिया कट व ओवरटेक करने वाले वाहन चालकों पर सख्ती करने का दिशा-निर्देश दिया है. वहीं, हाइवे पर पेट्रोलिंग बढ़ाने के लिए चलंत टीम बढ़ाने का निर्णय लिया गया है.इस कड़ी में विभाग ने 58 इंटरसेप्टर सह हाइवे पेट्रालिंग वाहन उपकरणों के साथ खरीदने के लिए 20 करोड़ की राशि स्वीकृत की है. साथ ही, विभाग ने सभी डीटीओ को दिशा- निर्देश दिया है कि डीटीओ कार्यालय में भीड़ कम करें. पटना में सेंट कैरेंस स्कूल , खगौल के पर एफओबी बनाने के लिए दो करोड़ की राशि स्वीकृत: विभाग ने सेंट कैरेंस स्कूल, खगौल के पास एफओबी निर्माण के लिए दो करोड़ की राशि स्वीकृत की है. यह योजना पूर्व से स्वीकृत थी, जिसके एवज में राशि स्वीकृत की गयी है. वहीं, पटना जू और पुनाइचक के पास भी फुट ओवर ब्रिज के साथ एस्क्लेटर की भी सुविधा मिलेगी. तारामंडल के समीप और तारामंडल के समीप भी एफओबी बनाया जायेगा.
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