सीइओ ने दिये बूथों के सत्यापन व न्यूनतम सुविधा सुनिश्चित करने का टॉस्क

बिहार विधानसभा आम निर्वाचन-2025 की तैयारियों को लेकर राज्य निर्वाचन विभाग की ओर से प्रशिक्षण कार्यक्रम जोरों पर है.

संवाददाता,पटना

बिहार विधानसभा आम निर्वाचन-2025 की तैयारियों को लेकर राज्य निर्वाचन विभाग की ओर से प्रशिक्षण कार्यक्रम जोरों पर है. इसी कड़ी में मंगलवार को अधिवेशन भवन, पटना में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ईआरओ) के लिए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. दो चरणों में आयोजित इस प्रशिक्षण का यह अंतिम दिन था, जिसमें राज्य भर से 120 निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों ने भाग लिया.

प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन अविलंब पूर्ण करें. इसके साथ ही, सभी केंद्रों पर आश्वस्त न्यूनतम सुविधाएं (एएमएफ) सुनिश्चित करने की प्रक्रिया अभी से प्रारंभ की जाये. उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए जन्म-मृत्यु पंजीकरण के आंकड़ों का उपयोग किया जाये. साथ ही मतदाता सूची में लिंगानुपात को संतुलित करने के लिए बूथ स्तर पर आंकड़ों का विश्लेषण कर कार्रवाई की आवश्यकता है. श्री गुंजियाल ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी योग्य युवाओं के नाम समय पर सूची में जोड़े जाएं ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदान से वंचित न रह जाये. प्रशिक्षण सत्र में राष्ट्रीय स्तर के मास्टर ट्रेनर्स उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अशोक प्रियदर्शी, रत्नाम्बर निलय, मनोज कुमार सिंह, एनएलएमटी यशलोक रंजन तथा अवर निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती शिखा सिन्हा ने भाग लिया. इन्होंने उपस्थित अधिकारियों को मतदाता सूची से जुड़े संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों के साथ-साथ ईआरओ नेट प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी. प्रशिक्षण समाप्ति के बाद सभी प्रतिभागी अधिकारियों का भारत निर्वाचन आयोग द्वारा ऑनलाइन मूल्यांकन किया गया. अधिकारियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी व मार्गदर्शक बताया.

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By RAKESH RANJAN

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