पटना. राज्य के मेला महोत्सव के लिए पर्यटन निदेशालय द्वारा राशि दी जाती है, लेकिन मेला महोत्सव में खर्च किये गये करोड़ों रुपये का हिसाब अब तक कई जिलों ने नहीं दिया है.पर्यटन निदेशालय के निदेशक ने आंवटित राशि का लेखा-जोखा जमा करने के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किया है. वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पर्यटन निदेशालय द्वारा करीब 10 करोड़ रुपये जिलों को दिये गये थे. कई जिलों द्वारा खर्च की गयी राशि की उपयोगिता प्रमाणपत्र अभी तक नहीं दिया गया है. इस कारण से राशि का समायोजन नहीं हो पा रहा है. पर्यटन निदेशालय के सूत्रों का कहना है कि राशि का समायोजन नहीं होने से आगे मेला महोत्सव के लिए राशि देने में परेशानी होगी.
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