Tejashwi Yadav Rajbhawan March: पटना में तेजस्वी यादव के राजभवन मार्च के दौरान एक मासूम बच्चे ने सबका ध्यान खींच लिया. राजभवन मार्च में कक्षा वन में पढ़ने वाला आदित्य भी पहुंचा था. उसने छात्रों पर AK-47 के इस्तेमाल को लेकर कई सवाल पूछे. बच्चे की मासूमियत में कही गई बातें लोगों को सोचने पर मजबूर कर रही थीं.
‘हम भी बच्चा हैं, हम पर भी कभी AK-47 चल जाएगी’
आदित्य ने बताया कि वह पटना के पुनाईचक का रहने वाला है. उसने कहा कि छात्रों पर AK-47 चलाया गया है. मासूमियत से उसने कहा, “हम भी बच्चा हैं. मेरे पर भी कभी AK-47 चल जाएगा.” इसी वजह से वह राजभवन मार्च में पहुंचा है. उसका कहना था कि मार्च का मकसद यह है कि आगे छात्रों पर ऐसी कार्रवाई नहीं हो.
‘AK-47 तो बॉर्डर पर आतंकवादी पर चलती है’
बच्चे ने AK-47 को लेकर जो बात कही, उसने सबका ध्यान खींचा. आदित्य ने कहा कि AK-47 तो बॉर्डर पर चलती है. वह भी आतंकवादियों पर. इसके बाद उसने सीधा सवाल किया, “क्या छात्र आतंकवादी हैं, जो उन पर AK-47 का इस्तेमाल किया गया?” उसने यह भी सवाल उठाया कि छात्रों पर गोली चलाने का आदेश आखिर किसने दिया.
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‘हम गोली खाने को तैयार हैं’
आदित्य ने कहा कि वह छात्रों के मुद्दे को लेकर मार्च में आया है. उसने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो “हम गोली खाने को तैयार हैं.” इसके बाद बच्चे ने सरकार को लेकर भी अपनी बात रखी. उसने कहा कि “सम्राट गद्दी भी छोड़ने को तैयार रहें.” बच्चे ने बताया कि छात्रों के आंदोलन और वहां हुई कार्रवाई की जानकारी उसे न्यूज के माध्यम से मिली है.
मनोज झा ने भी पुलिस पर कसा तंज
राजभवन मार्च में RJD सांसद मनोज झा भी पहुंचे. उन्होंने रास्ते में भारी संख्या में तैनात पुलिसकर्मियों को लेकर तंज कसा. मनोज झा ने कहा, “पैलेट गन, किल वाली लाठी नहीं है तो मजा नहीं आएगा. ”
उन्होंने कहा कि राजभवन मार्च का मकसद बेहतर और ईमानदार शिक्षा व्यवस्था की मांग करना है. साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की भी मांग है.
बच्चे के सवाल ने खींचा ध्यान
तेजस्वी यादव के मार्च में आदित्य का पहुंचना इसलिए भी चर्चा में रहा, क्योंकि वह अभी कक्षा वन का छात्र है. उसने अपने अंदाज में छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए. उसका सवाल था कि अगर AK-47 आतंकवादियों के खिलाफ इस्तेमाल होती है, तो छात्रों पर इसका इस्तेमाल क्यों किया गया? इसी सवाल के साथ पटना की सड़क पर निकला यह छोटा बच्चा राजभवन मार्च के दौरान चर्चा का केंद्र बन गया.
