Rajya Sabha Election 2026: बिहार में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. इसी बीच तेजस्वी यादव ने अपने सभी विधायकों को पटना बुलाया है. राष्ट्रीय जनता दल के विधायक दल की अहम बैठक मंगलवार को आयोजित होगी. इस बैठक की अध्यक्षता खुद तेजस्वी यादव करेंगे और राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा करेंगे.
पटना में होगी राजद विधायक दल की बैठक
राज्यसभा चुनाव से पहले यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है. बैठक में तेजस्वी यादव अपने विधायकों को चुनाव को लेकर जरूरी निर्देश देंगे. पार्टी नेतृत्व चाहता है कि सभी विधायक एकजुट रहें और मतदान के समय कोई चूक न हो. बिहार में इस बार राज्यसभा की कुल पांच सीटों पर चुनाव हो रहा है. इन सीटों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है.
आरजेडी ने एडी सिंह को बनाया उम्मीदवार
राजद ने मौजूदा सांसद अमरेंद्र धारी सिंह को एक बार फिर उम्मीदवार बनाया है. उन्हें एडी सिंह के नाम से भी जाना जाता है. विपक्ष की पूरी कोशिश है कि पांचवीं सीट पर जीत दर्ज की जाए.
एनडीए ने उतारे पांच उम्मीदवार
वहीं सत्ताधारी गठबंधन एनडीए की ओर से पांच उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा, जदयू से रामनाथ ठाकुर और भाजपा नेता शिवेश राम शामिल हैं.
बताया जा रहा है कि कुल छह उम्मीदवारों ने नामांकन किया है और किसी ने भी अपना नाम वापस नहीं लिया है. ऐसे में चुनाव होना तय है. मतदान 16 मार्च को होगा.
चार सीटों पर एनडीए की जीत लगभग तय
बिहार विधानसभा के मौजूदा संख्याबल को देखें तो चार सीटों पर एनडीए की जीत लगभग तय मानी जा रही है. हालांकि पांचवीं सीट को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. इस सीट पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी रणनीति बना रहे हैं.
जीत के लिए चाहिए 41 विधायकों का समर्थन
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 41 विधायकों का समर्थन जरूरी है. अगर एनडीए को पांचों सीटें जीतनी हैं तो उसे तीन अतिरिक्त विधायकों का समर्थन चाहिए. दूसरी ओर महागठबंधन के पास राजद के 25 समेत कुल 35 विधायक हैं. ऐसे में एडी सिंह की जीत के लिए छह अतिरिक्त विधायकों का समर्थन जरूरी होगा.
AIMIM और बसपा पर टिकी विपक्ष की नजर
तेजस्वी यादव की नजर Asaduddin Owaisi की पार्टी AIMIM और मायावती की बहुजन समाज पार्टी पर है. बिहार विधानसभा में AIMIM के पांच और बसपा का एक विधायक है. अगर ये सभी विधायक विपक्ष के पक्ष में वोट करते हैं तो मुकाबला दिलचस्प हो सकता है.
हालांकि महागठबंधन के अंदर क्रॉस वोटिंग रोकना भी तेजस्वी यादव के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है. ऐसे में आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति और भी दिलचस्प होने की संभावना है.
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