पाटलिपुत्र सहोदय स्कूल कॉम्प्लेक्स की ओर से द क्यूरियोसिटी टॉक का हुआ आयोजन
संवाददाता, पटना
पाटलिपुत्र सहोदया स्कूल कॉम्प्लेक्स की ओर से बुधवार को संत माइकल हाइस्कूल में द क्यूरियोसिटी टॉक प्रिंसिपल एवं साइंस एचओडी मीट कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह राष्ट्रीय स्तर का शैक्षणिक संवाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप स्टेम शिक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से किया गया था. सीबीएसइ और अगस्त्य इंटरनेशनल फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य व शिक्षकों ने भाग लिया और बच्चों की जिज्ञासा को क्लास में शिक्षक शांत करें इस पर जोर दिया गया. कार्यक्रम में सीबीएसइ के निदेशक (प्रशिक्षण) मनोज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि बच्चों की रुचि को पहचान कर शिक्षक उसे तराशें. शिक्षकों का मूल कार्य ही बच्चों में जिज्ञासा जगाना है. किसी भी सभ्यता के विकास में जिज्ञासा ही वो महत्वपूर्ण कारक है जिससे विकास संभव हुआ है. वहीं सीबीएसइ के क्षेत्रीय अधिकारी गोपाल लाल यादव ने स्कूल की भूमिका पर चर्चा करते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आत्मविश्वास और नवाचार को बढ़ावा देने को आवश्यक बताया. उन्होंने कहा कि बदलते समय के अनुसार शिक्षकों को भी खुद को अपडेट करने की जरूरत है. बच्चों से पहले शिक्षकों को जिज्ञासु बनना होगा. बच्चों के निर्माण में माहौल का बहुत योगदान होता है. इसलिए जरूरी है कि बच्चों के साथ साथ शिक्षकों में भी जिज्ञासा जगायी जाये, जो इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य है. सीबीसएसइ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख राजीव शर्मा ने दक्षता-आधारित शिक्षा की बारीकियों को सरलता से स्पष्ट किया और रटने के बजाय बच्चों को समझ कर पढ़ाने पर जोर दिया. अगस्त्य इंटरनेशनल फाउंडेशन के सीइओ रामजी राघवन ने अगस्त्य की प्रेरणादायी यात्रा साझा की और बताया कि किस प्रकार खिलौने और प्रोजेक्ट के अनुभव बच्चों की सोच और सीखने के तरीके को बदल सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगस्त्य फाउंडेशन बच्चों में विज्ञान के लिए जिज्ञासा पैदा करना चाहता है. सीबीएसई स्कूलों से जुड़कर विज्ञान के लिए बच्चों में जिज्ञासा पैदा करना चाहता है.
