मार्शल सैम मानेकशॉ, मोहम्मद उस्मान व मेजर सोमनाथ शर्मा के बारे में पढ़ेंगे स्टूडेंट्स

एनसीइआरटी छात्रों को कर्तव्य, साहस और देशभक्ति की प्रेरणादायक कहानियां पढ़ायेगा. एनसीइआरटी आठवीं कक्षा (अंग्रेजी माध्यम) में मेजर सोमनाथ शर्मा पर आधारित अध्याय जोड़ा गया है.

संवाददाता, पटना एनसीइआरटी छात्रों को कर्तव्य, साहस और देशभक्ति की प्रेरणादायक कहानियां पढ़ायेगा. एनसीइआरटी आठवीं कक्षा (अंग्रेजी माध्यम) में मेजर सोमनाथ शर्मा पर आधारित अध्याय जोड़ा गया है. कक्षा आठवीं (उर्दू माध्यम) में फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ के जीवन पर अध्याय शामिल किया गया है. वहीं, कक्षा सातवीं (उर्दू माध्यम) में ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान के जीवन पर अध्याय पढ़ाया जायेगा. इन अध्यायों को शामिल करने का उद्देश्य है कि नयी पीढ़ी इन महान योद्धाओं के जीवन से सीख ले और देश सेवा के प्रति प्रेरित होगी. फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ भारतीय सेना के पहले अधिकारी थे, जिन्हें फील्ड मार्शल की उपाधि दी गयी थी. 1971 के भारत-पाक युद्ध में उनकी रणनीतिक नेतृत्व क्षमता ने भारत की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित की. ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान, जिन्होंने 1948 में जम्मू-कश्मीर में लड़ते हुए प्राणों की आहुति दी, मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किये गये. उन्हें ‘नौशेरा का शेर’ भी कहा जाता है. मेजर सोमनाथ शर्मा भारतीय सेना के पहले परमवीर चक्र विजेता हैं. उन्होंने 1947 में बड़गाम की लड़ाई में अद्भुत वीरता का परिचय देते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था. इन्हें पाठ्यक्रम में शामिल करने का उद्देश्य यह है कि छात्र न केवल भारत के सैन्य इतिहास को जानें, बल्कि जीवन में सहनशीलता, सहानुभूति, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और राष्ट्र निर्माण में योगदान जैसे मूल्यों को भी आत्मसात करें.

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By ANURAG PRADHAN

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