तटबंधों से 250 मीटर दूर चलें जहाज : विजय चौधरी

पटना में आयोजित अंतर्देशीय जल परिवहन पर परामर्श कार्यशाला में राज्य के मंत्रियों और सांसदों ने केंद्र सरकार के समक्ष जल परिवहन के विकास को लेकर कई सुझाव और मांगें रखीं.

राष्ट्रीय जलमार्ग-एक पर पटना में हुई कार्यशाला, राज्य सरकार ने केंद्र से की कई अहम मांग संवाददाता, पटना पटना में आयोजित अंतर्देशीय जल परिवहन पर परामर्श कार्यशाला में राज्य के मंत्रियों और सांसदों ने केंद्र सरकार के समक्ष जल परिवहन के विकास को लेकर कई सुझाव और मांगें रखीं. जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने तटबंधों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कहा कि गंगा सहित अन्य नदियों में चलने वाले जहाजों को तटबंधों से कम से कम 250 मीटर की दूरी पर चलाया जाये. वर्तमान में भागलपुर और कटिहार में यह दूरी मात्र 150 मीटर है, जिससे तटबंधों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है. विजय चौधरी ने कहा कि जहाजों का वेब हार्ड काफी प्रभावी होता है, जिससे तटबंधों पर दबाव पड़ता है. उन्होंने नदियों में गाद हटाने और जलधारा को अविरल बनाये रखने की मांग भी की. इस कार्यशाला में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने रक्सौल से सिमरिया तक जल मार्ग विकसित करने का सुझाव दिया. उन्होंने सिमरिया को धार्मिक और औद्योगिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कुंभ मेले के दौरान प्रयागराज तक जलमार्ग से यात्रा संभव हुई थी, जिसे अब तकनीकी रूप से सुदृढ़ किया जा सकता है. उन्होंने बक्सर से साहेबगंज तक जल मार्ग से बालू, मक्का और स्टोन चिप्स की ढुलाई का भी सुझाव दिया. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना वाटर मेट्रो की मांग दोहराई और गंगा किनारे के सभी जिलों में दो-दो जेटी बनाने का प्रस्ताव रखा. उन्होंने मल्टीमॉडल टर्मिनल, नदी पोर्ट और उनके मेंटेनेंस कार्य को शीघ्र शुरू करने की मांग की. उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मछुआरों को प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता देने की बात कही. उन्होंने नावों के लिए सुरक्षा मानक तय करने की भी आवश्यकता जतायी. परिवहन मंत्री शीला कुमारी ने कहा कि राज्य में 1550 घाट और करीब 7,000 नावें संचालित होती हैं. उन्होंने कोसी में जल परिवहन की संभावनाओं को तलाशने और मछुआरों को आधुनिक सुविधाएं देने की बात कही. उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार के अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में इनलैंड वाटर वे के विकास, कृषि उत्पादों की ढुलाई और मछुआरों की आजीविका से जुड़ी योजनाओं पर केंद्र का ध्यान आकर्षित किया. कार्यशाला के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का संदेश भी पढ़ा गया.

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By RAKESH RANJAN

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