Acharya Kishore Kunal: बिहार के रतन टाटा, वो सूरज हैं… शांभवी चौधरी ने किशोर कुणाल की याद में किया भावुक पोस्ट

Acharya Kishore Kunal: समस्तीपुर सांसद शांभवी चौधरी ने अपने ससुर आचार्य किशोर कुणाल की याद में भावुक पोस्ट लिखा है. उन्होंने लिखा है कि वो सूरज हैं, जहां जाएंगे , प्रकाश फैलाएंगे.

Acharya Kishore Kunal: शांभवी चौधरी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरीय अपने ससुर आचार्य किशोर कुणाल को याद किया है. आचार्य किशोर कुणाल का 29 दिसंबर 2024 को निधन हो गया. अपने पोस्ट में शांभवी ने लिखा, ‘बिहार के रतन टाटा, वो सूरज हैं, जहां जाएंगे , प्रकाश फैलाएंगे. बिहार के लिए एक युग का अंत, कभी-कभी भगवान को भी भगवान की जरूरत पड़ती है. लोग आज धर्म के नाम पर लाठी चला देते हैं, इन्होंने धर्म के नाम पर बन्दूक छोड़ दी थी.’ यह मेरे शब्द नहीं हैं. ये उन लोगों के शब्द हैं जिन्होंने आपको सही मायने में जाना और आपके साथ रहे, जिन्होंने आपकी उपस्थिति, आपकी बुद्धिमत्ता और आपके प्यार का अनुभव किया.’

आपकी सीख मेरे लिए दीपक समान- शांभवी चौधरी

शांभवी चौधरी ने आगे लिखा, ‘मैं सच में सबसे भाग्यशाली हूं, क्योंकि इस जीवन में मुझे आपका सान्निध्य और आशीर्वाद मिला. यह मेरा सौभाग्य था कि मैंने आपके अनुभव और आपके विचारों को जाना-समझा और उनसे सीखा, आपके द्वारा अपने सपनों को हकीकत में बदलने के लिए की गई अथक मेहनत को देखा, और उन मूल्यों और आदर्शों से आकार लिया जिन्हें आप हमेशा दृढ़ता से मानते थे. आपकी यादें आपकी सीख मेरे लिए दीपक समान हैं, जो सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे.’

आपसे मिले अपनत्व और सम्मान को संजोकर रखूंगी- एलजेपी एमपी

एलजेपी एमपी शांभवी चौधरी ने पोस्ट में लिखा, ‘सौभाग्यशाली हूं क्योंकि महादेव ने मुझे आपकी बहु बनने का आशीर्वाद दिया. जिस क्षण मैंने इस परिवार में कदम रखा, मैंने आप पर विश्वास किया और बदले में मुझे ऐसा अपनत्व और सम्मान से मिला जिसे मैं हमेशा संजोकर रखूंगी. मैं हमेशा उन गौरवान्वित पलों को याद करूंगी जो आपने मेरे लिए महसूस किया, और वह मुझे वही ऊर्जा और संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा. हर भाषण, हर साक्षात्कार के बाद, मैं आपके उत्साहवर्धक शब्दों को अपने दिल में सुनूंगी, और मुस्कुराऊंगी, यह जानते हुए कि कहीं न कहीं आप भी मुस्कुरा रहे होंगे और मुझे आशीर्वाद दे रहे होंगे.

उन्होंने आगे लिखा, ‘मैं कभी नहीं भूलूंगी कि आपने अपनी बहु के लिए जिस दृढ़ विश्वास से प्रचार किया, वह अद्वितीय रहेगा. कोई और कभी मेरे साथ वैसे खड़ा नहीं होगा जैसा आप रहे. मैं हमेशा आपके अनुशासन को याद रखूंगी, कि वह आपके लिए कितना महत्वपूर्ण था और उसने आपके हर कार्य को कैसे प्रभावित किया. निराशा के समय में, आप निडर खड़े रहे—आपकी बहादुरी मेरे लिए एक प्रकाश स्तंभ बन गई, जिसका अनुसरण मैं करती रहूंगी. आपकी ईमानदारी, जिसने सबसे शक्तिशाली को भी हिलाकर रख दिया, मेरे लिए सत्य की ताकत का स्थायी अनुस्मारक बनकर रहेगी.

Acharya kishore kunal and shambhavi choudhary

कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं

शांभवी चौधरी ने फेसबुक पर अपने पोस्ट में लिखा, ‘दुनिया आपको एक ऐसे व्यक्ति के रूप में याद रखेगी, पापा जिन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया, एक ऐसे व्यक्ति के रूप में आपको याद रखेगी जिसकी ईमानदारी अडिग थी. मैं अपने हर कार्य में उन सिद्धांतों को जीवित रखने और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करूंगी. हालाँकि आपके साथ बिताया समय बहुत कम था, लेकिन जो कुछ भी आपने मुझे सिखाया, जो कुछ भी मैंने आपसे सीखा, मैं उसे हमेशा संजोकर रखूंगी. मेरे जीवन में आपकी उपस्थिति भले ही थोड़े समय के लिए थी, लेकिन उसका प्रभाव अनंत रहेगा. मेरा दिल और मेरी आत्मा जानती है कि आप हमेशा हमारा हाथ थामे रहेंगे और हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे. मुझे विश्वास है उनलोगों की बातों पर जो कहते हैं कि सच्चा प्यार कभी खोता नहीं है. आपके साथ एक युग का अंत हो गया, पापा आप जैसे थे, अब कोई और ऐसा नहीं होगा.’

इसे भी पढ़ें: शासन से चिंतन तक: किशोर कुणाल के लिए आसान नहीं रहा IPS से आचार्य तक का सफर

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >