शब्बीर व शिफा ने सजाई सुरों की महफिल, सुर संध्या में जमकर थिरके पटनाइट्स; ‘जिहाल-ए-मिस्कीं’ पर दोगुना हुआ उत्साह

प्रभात खबर की 'सुर संध्या' में बॉलीवुड के दिग्गज गायक शब्बीर कुमार और चर्चित गायिका शिफा रूबी ने अपनी जादुई आवाज से समां बांध दिया. इस संगीतमय शाम में श्रोताओं ने 80-90 के दशक के सदाबहार गानों का खूब आनंद लिया.

Prabhat Khabar Sur Sandhya: प्रभात खबर की ओर से शनिवार की शाम श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित ‘सुर संध्या’ में सुरीली तानों व सदाबहार नगमों का ऐसा जादू बिखरा कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. ‘एक शाम... पुरानी यादों के नाम’ थीम पर सजी इस सांस्कृतिक शाम ने पटना के संगीत प्रेमियों को बॉलीवुड के सुनहरे दौर की यादों की गलियों में पहुंचा दिया. कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 80-90 के दशक के दिग्गज प्लेबैक सिंगर शब्बीर कुमार व चर्चित गायिका शिफा रूबी की धमाकेदार जुगलबंदी रही.

45 वर्षों के अपने लंबे संगीत सफर में अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, ऋषि कपूर जैसे महानायकों के लिए एक से बढ़कर एक हिट गीत गा चुके शब्बीर कुमार ने अपनी मखमली आवाज से श्रोताओं को मुग्ध कर दिया. शाम करीब सात बजे से शुरू हुए इस आयोजन में संगीत प्रेमियों का उत्साह देखते ही बन रहा था. मंच पर उतरते ही दोनों कलाकारों ने अपनी गायकी से ऐसा समां बांधा कि हॉल में मौजूद हर शख्स सुरों की इस महफिल में पूरी तरह सराबोर हो गया.

गायिका शिफा रूबी की सुरीली आवाज व डांस से झूमे युवा

कार्यक्रम में मुंबई से आईं मशहूर गायिका शिफा रूबी ने अपने गीतों व इसके साथ तालमेल के साथ हल्की नृत्य से महफिल में ऊर्जा भर दी. उन्होंने नील समंदर है.., केसरिया तेरा इश्क है पिया.., तुम पहली बार मिले हम्मा हम्मा.., आज की रात मजा हुस्न का.., मैया मैया.., अब तुम ही हो.., सैयरा तू तो बदला नहीं है.., रमता जोगी.., कच्ची कली मासूम चेहरा जैसे एक से बढ़कर एक सुपरहिट गानों की लड़ी लगा दी. उनके गानों पर युवा दर्शक झूमने को मजबूर हो गए. शिफा ने मंच से पटना के लोगों की तारीफ करते हुए कहा कि यहां के लोग बेहद प्यारे और जिंदादिल हैं.

मैं दीवार बनके पाटलिपुत्र की सरजमीं पर आया हूं

शाम करीब 8.22 बजे जब सिंगर शब्बीर कुमार मंच पर पहुंचे, तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा. उन्होंने मैं दीवार बनके पाटलिपुत्र की सरजमीं पर आया हूं.., शायरी के साथ पटना के लोगों का अभिवादन किया व प्रभात खबर का धन्यवाद जताया. मंच से अपने दिल की बात साझा करते हुए उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में उनके 45 साल पूरे हो गए हैं. उन्होंने महान गायक मोहम्मद रफी को याद करते हुए अपनी प्रस्तुति की शुरुआत रफी साहब के गीतों मैं तुम्हारी तरह जाने वालों में हूं.., दर्द-ए-दिल दर्द-ए-जिगर.., पहले तो मैं शायर था.., ‌ जो मैंने तेरी आंखें देखी, संभालना मुश्किल हो गया.., से की. इस अवसर पर श्रोता उन्हें सुन भावविभोर हो गए.

दीवार पर कान लगा रफी साहब के गाने सुनने का साझा किया किस्सा

अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए शब्बीर कुमार ने बताया कि बचपन में उन्हें गायक बनने का कोई शौक नहीं था, वे केवल पेंटिंग करते थे. 8 साल की उम्र में पड़ोस के एक डॉक्टर साहब के घर के बाहर दीवार पर कान लगाकर रेडियो पर रफी साहब के गाने सुनते थे. वे एकलव्य की तरह उन्हें सुनते-सुनते संगीत से प्यार कर बैठे. उन्होंने कहा कि 100 गायक मिलकर भी एक रफी नहीं बन सकते. वहीं, लता मंगेशकर को याद करते हुए उन्होंने भावुक मन से कहा कि लता दीदी के गले में साक्षात मां सरस्वती का वास था, उन्हें सिर्फ भारत रत्न नहीं बल्कि ब्रह्मांड रत्न मिलना चाहिए. उनके साथ 40-50 गाने गाए.

युवाओं से लेकर बुजुर्गों ने मोबाइल में कैद किए यादगार पल

सुर संध्या का खुमार हर उम्र के दर्शकों पर सिर चढ़कर बोल रहा था. हॉल में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक की भारी मौजूदगी रही. जैसे ही शब्बीर कुमार व शिफा रूबी ने एक साथ मंच संभालकर बेताब फिल्म का गीत तेरी पागल हूं मैं.., जब हम जवां होंगे.., जिहाल-ए-मिस्कीं.., सुनाई देती है जिसकी धड़कन.., जैसे डुएट गानों की प्रस्तुति दी, पूरा माहौल संगीतमय हो उठा. दर्शकों की भारी फरमाइश पर शराबबंदी के बावजूद शब्बीर कुमार ने मुस्कुराते हुए मुझे पीने का शौक नहीं.., तुमसे मिलकर न जाने क्यों.., दिल बेकरार था दिल बेकरार है.., आदि गाया. इस दौरान हॉल में मौजूद सभी लोग सुर से सुर मिलाकर गा रहे थे, थिरक रहे थे और मोबाइल कैमरों से इस ऐतिहासिक पल को रिकॉर्ड करते दिखे.


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लेखक के बारे में

By हिमांशु देव

हिमांशु देव सितंबर 2023 से पटना में प्रभात खबर से जुड़कर प्रिंट और डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. कला, साहित्य-संस्कृति, नगर निगम और स्मार्ट सिटी से जुड़ी खबरों पर प्रमुखता से काम किया है. महिला, युवा और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाना प्राथमिकता में शामिल है. व्यक्तिगत तौर पर किताबें पढ़ना और नई जगहों को एक्सप्लोर करना अच्छा लगता है.

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