Bihar Politics: गया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की समधन और विधायक ज्योति देवी के काफिले के साथ हुए विवाद ने बिहार की राजनीति को गरमा दिया है. घटना के बाद अब बयानबाजी तेज हो गई है. केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बाद उनके बेटे और बिहार सरकार में मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है.
संतोष सुमन ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को सीधे निशाने पर लेते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा कि तेजस्वी यादव अपने समर्थकों को मर्यादा में रखें. बिहार अब बदल चुका है और दलित समाज डरने वाला नहीं है.
मंत्री ने कहा कि अगर जीतन राम मांझी के कार्यकर्ताओं को डराने या धमकाने की कोशिश की गई तो उसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में किसी एक जाति की दबंगई का दौर खत्म हो चुका है और अब हर समाज सम्मान और बराबरी के साथ जीना चाहता है.
रास्ता देने को लेकर हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार रविवार को विधायक ज्योति देवी मोहनपुर प्रखंड के गंभीरा गांव जा रही थीं. इसी दौरान रास्ता देने को लेकर विवाद शुरू हुआ. देखते ही देखते मामला बढ़ गया और तनाव की स्थिति बन गई. आरोप है कि कुछ लोगों ने विधायक के बॉडीगार्ड के साथ हाथापाई की. साथ ही जातिसूचक टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया गया है. घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
थाने में शिकायत दर्ज
घटना के बाद विधायक की ओर से स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है. शिकायत में मारपीट और जातिसूचक गाली देने का आरोप लगाया गया है. पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है. सभी से पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी.
जीतन राम मांझी ने भी जताई नाराजगी
इस घटना को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी नाराजगी जताई है. उन्होंने मोहनपुर थानेदार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि विधायक के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरती गई. मांझी ने चेतावनी दी कि अगर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे. इस घटना के बाद बिहार में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक तनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
