Bihar Politics: बिहार की राजनीति में इस समय एक बड़ा सवाल चर्चा में है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद भारतीय जनता पार्टी आखिर किस नेता को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाएगी. बाहर से सब कुछ सामान्य दिख रहा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर हलचल तेज है. पर्दे के पीछे कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं.
समृद्धि यात्रा में दिख रही खास केमिस्ट्री
इन दिनों नीतीश कुमार पांच दिन की समृद्धि यात्रा पर निकले हुए हैं. इस यात्रा में उनके साथ बिहार सरकार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी लगातार मौजूद हैं. सीमांचल के कई जिलों में दोनों नेता एक साथ सभाएं कर रहे हैं.
अलग-अलग जिलों के मंचों पर दोनों नेताओं की केमिस्ट्री साफ नजर आ रही है. मधेपुरा में एक सभा के दौरान नीतीश कुमार हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन कर रहे थे, जबकि सम्राट चौधरी हाथ जोड़कर खड़े दिखाई दिए. यह दृश्य ऐसा लग रहा था जैसे नीतीश किसी का परिचय करा रहे हों. हाल ही में अररिया से भी इसी तरह की तस्वीर सामने आई है.
सम्राट के हाव-भाव पर बढ़ी चर्चा
सम्राट चौधरी के इस अंदाज को लेकर भाजपा के कई नेता भी कयास लगा रहे हैं. पार्टी के अंदर यह चर्चा चल रही है कि क्या यह किसी बड़े राजनीतिक संकेत की तरफ इशारा है. कुछ नेताओं को उम्मीद है कि आने वाले समय में उनकी किस्मत भी बदल सकती है.
विकास की उपलब्धियां गिना रहे नीतीश
समृद्धि यात्रा के दौरान नीतीश कुमार अपने दो दशक के शासनकाल की उपलब्धियां गिना रहे हैं. वे कानून व्यवस्था, सड़क, परिवहन और बिजली जैसे क्षेत्रों में हुए सुधारों का जिक्र कर रहे हैं. साथ ही यह भी कह रहे हैं कि आगे भी वे बिहार की राजनीति से जुड़े रहेंगे और नई सरकार को मार्गदर्शन देते रहेंगे.
नीतीश की तारीफ कर रहे सम्राट
सम्राट चौधरी भी सभाओं में नीतीश कुमार की खुलकर तारीफ कर रहे हैं. वे लोगों को भरोसा दिला रहे हैं कि आगे भी सरकार उसी सोच के साथ चलेगी, जिस दिशा में नीतीश कुमार ने बिहार को आगे बढ़ाया है.
सीएम चयन में नीतीश की भूमिका?
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पहले ही यह कह चुके हैं कि नई सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनेगी. इसका मतलब यह माना जा रहा है कि भाजपा जब अपना मुख्यमंत्री चुनेगी, तब नीतीश की राय भी अहम भूमिका निभा सकती है.
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नया मुख्यमंत्री पिछड़ी जातियों (OBC) या अति पिछड़ी जातियों (EBC) से हो सकता है. यह वही सामाजिक वर्ग है जिसे नीतीश कुमार का मजबूत वोट बैंक माना जाता है.
कई नेताओं के नाम रेस में
भाजपा में मुख्यमंत्री पद के लिए कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं. इनमें सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, नित्यानंद राय, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, संजीव चौरसिया के नाम शामिल बताए जा रहे हैं.
बिहार विधानसभा में भाजपा के पास 89 विधायक हैं. इसके अलावा 22 विधान पार्षद, 4 राज्यसभा सांसद और 12 लोकसभा सांसद भी पार्टी के पास हैं. ऐसे में पार्टी के भीतर कई नेता मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे हैं.
दिल्ली की तरफ टिकी नजरें
राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को पूरा हो जाएगा. इसके बाद पॉलिटिकल एक्टिविटीज और तेज हो सकती हैं. माना जा रहा है कि अगले कुछ हफ्तों में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर स्थिति साफ हो सकती है. फिलहाल सबकी नजर दिल्ली पर टिकी है. अंतिम फैसला नरेंद्र मोदी, अमित शाह और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के हाथ में होगा. यही तय करेंगे कि बिहार में भाजपा का पहला मुख्यमंत्री कौन बनेगा.
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