Raid In Bihar: बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों पर लगातार निगरानी विभाग शिकंजा कस रहा है. इस बीच एक डिप्टी कमिश्नर के कई ठिकानों पर निगरानी की टीम छापेमारी करने पहुंची. विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने मंगलवार को शिवहर के उप विकास आयुक्त सह जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी बृजेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज
बृजेश कुमार के खिलाफ निगरानी की टीम ने आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है. बृजेश कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अलग-अलग पदों पर रहते हुए लगभग 1 करोड़ 84 लाख 32 हजार 900 रुपए की अवैध संपत्ति अर्जित की है. यह संपत्ति उनके आय स्रोतों से अधिक है.
बिहार के इन तीन जिलों में हो रही छापेमारी
जानकारी के मुताबिक, आज विशेष न्यायाधीश, निगरानी, पटना की तरफ से बृजेश कुमार के खिलाफ के खिलाफ सर्च वारंट जारी किया है. इसी के आधार पर बिहार के तीन जिलों में छापेमारी की जा रही है. यह छापेमारी बेतिया, सीतामढ़ी और शिवहर में बृजेश कुमार के ऑफिस और आवासीय परिसरों में की जा रही है. छापेमारी के बाद निगरानी की टीम को क्या कुछ बरामद होता है, यह देखने वाली बात होगी.
200 भ्रष्ट अधिकारियों की डिजिटल फाइल तैयार
बिहार के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सुनवाई तेज हो और उन्हें जल्द ही सजा मिले, इसके लिए निगरानी की टीम अब तकनीक का सहारा ले रही है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने 200 संदिग्ध अफसरों और कर्मियों की डिजिटल फाइल तैयार कर ली है. भ्रष्टाचार के मामलों में अक्सर सबूतों के साथ छेड़छाड़ और सुनवाई में देरी की शिकायतें सामने आती रही हैं.
लेकिन अब निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने ऐसी संभावनाओं को लगभग खत्म करने की तैयारी कर ली है. ब्यूरो ने सात लाख रुपए की लागत से ओपन टेक्स्ट फॉरेंसिक इमेजर मशीन का इस्तेमाल शुरू किया है, जो जब्त किए गए पेन ड्राइव, डॉक्यूमेंट और अन्य डिजिटल एविडेंस का सटीक क्लोन तैयार करती है. जानकारी के मुताबिक, एक बार डेटा इस मशीन में सुरक्षित हो जाने के बाद उसमें किसी तरह का बदलाव या क्षति संभव नहीं रह जाती.
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