सुधा दूध की शुद्धता पर जीपीएस और सीसीटीवी से होगी निगरानी

राज्य सरकार की ओर से संचालित दूध कलेक्शन सेंटरों से दूध व अन्य उत्पाद लेकर आने-जाने वाले टैंकरों पर जीपीएस लगायी जायेगी.

– मिलावट रोकने के लिए दूध ढोने वाले टैंकरों व वितरकों की गाड़ियों में लगेगी जीपीएस

– बिहार के लोगों के घरों में प्रतिदिन पहुंचाये जा रहे 3.15 लाख लीटर दूध पर नजर रखना होगा आसान

– सरकार की ओर से संचालित दूध कलेक्शन सेंटर, सुधा की सभी यूनिटों पर रखी जायेगी विशेष निगरानी

– पटना स्थित कॉम्फेड में कंट्रोल व कमांडर सेंटर से की जायेगी मॉनिटरिंग, सरकार ने दी स्वीकृति

मनोज कुमार, पटना

राज्य सरकार की ओर से संचालित दूध कलेक्शन सेंटरों से दूध व अन्य उत्पाद लेकर आने-जाने वाले टैंकरों पर जीपीएस लगायी जायेगी. दूध वितरकों की गाड़ियों पर भी जीपीएस लगेगी. वाहनों की रूट मैपिंग होगी. इससे दूध में मिलावट करने की संभावना पर रोक लगेगी. अनियमितता पाये जाने पर कार्रवाई तुरंत की जा सकेगी. इसके साथ ही सभी यूनिट में सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे. वहीं, इसकी मॉनीटरिंग के लिए पटना स्थित कॉम्फेड के मुख्यालय में इंटीग्रेटेड कंट्रोल व कमांडर सेंटर खोला जायेगा. यहां से पूरे राज्यभर के दूध कलेक्शन सेंटरों, सुधा की सभी यूनिटों पर नजर रखी जायेगी. पशु व मत्स्य संसाधन विभाग ने इसकी स्वीकृति दी है. इस पर सरकार की ओर से 28 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे. लोगों के घरों में सुधा के माध्यम से प्रतिदिन तीन लाख 15 हजार दूध की डिलीवरी बिना मिलावट के जाये, इस पर नजर रखना आसान हो जायेगा.

दूध की गाड़ियों में लगेंगे डाटा लॉगर

दूध की गाड़ियों में तापक्रम के लिए डाटा लॉगर की स्थापना की जायेगी. इन सभी आंकड़ों का डाटाबेस में संरक्षित करने के अतिरिक्त बड़े वीडियो फॉर्मेट में भी देखा जा सकेगा. इसमें स्वचालित दूध कलेक्शन सेंटरों से प्राप्त आंकड़ें प्रदर्शित होंगे. इसकी मॉनिटरिंग के लिए हमेशा एक कर्मी मौजूद रहेगा.

डाटा मॉनीटरिंग से किसानों को समय पर भुगतान

विभिन्न दूध संघों की दूध से संबंधित सभी डाटा की एकीकृत मॉनीटरिंग होगी. रियल टाइम में डाटा का विश्नेषण होगा. इससे उत्पादन, वितरण और लेन-देन का प्रबंधन बेहतर किया जायेगा. दूध आपूर्ति करने वाले किसानों को समय पर भुगतान किया जायेगा.समय पर डीबीटी के माध्यम से किसानों का भुगतान हो पायेगा.

22 डेयरी प्लांटों समेत इन यूनिटों पर नजर रखना होगा आसान

राज्य में 22 डेयरी प्लांट, 11 चिलिंग प्वाइंट, 480 बल्क मिल्क कूलर, तीन आइसक्रीम प्लांट, पाउडर प्लांट पर नजर रखना आसान होगा. राज्यभर में 30434 से अधिक दूध समितियां हैं. इन समितियों की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन देखी जा सकेगी.

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Published by: Rakesh ranjan

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