पटना विश्वविद्यालय में छात्रों ने पीएचडी में यूजीसी के नियम के तहत नामांकन लेने को लेकर अनिश्चित कालीन धरना दूसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा. ””रिसर्च स्कॉलर संघर्ष समिति”” का आरोप है कि विश्वविद्यालय के सत्र 2025 के पीएचडी नामांकन में सीएसआइआर, यूजीसी नेट के द्वारा केवल पीएचडी उत्तीर्ण छात्रों से नामांकन फॉर्म भरवाकर, इंटरव्यू लेकर मेरिट लिस्ट में नाम आने के बाद नामांकन से वंचित कर दिया गया है. इसके साथ ही छात्रों का कहना हैं कि नामांकन में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और पक्षपात हुआ है. रिसर्च स्कॉलर संघर्ष समिति ने पीयू के पीएचडी में नामांकन के मेरिट लिस्ट में स्नातकोत्तर और इंटरव्यू के अंक प्रकाशित नहीं होने के कारण मेरिट में अपारदर्शिता है, समिति की मांग है कि मेरिट लिस्ट में स्नातकोत्तर और इंटरव्यू के अंक को भी प्रकाशित किया जाना चाहिए. अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे छात्र निवास का कहना है कि छात्रों की समस्या पर विश्वविद्यालय के कुलपति, राज्यपाल से लेकर सरकार सभी व्यवस्थाएं चुप्पी साध लेते हैं. अनिश्चितकालीन धरना में छात्रा मोना कुमारी, श्यामली कुमारी, नीतीश कुमार विशाल कुमार शामिल रहे.