आरटीपीएस केंद्रों पर बढ़ा आवेदनों का दबाव

ग्रामीण स्तर पर न्याय और सेवाओं की सुलभता को लेकर सरकार की ओर से चलाये जा रहे प्रयासों का असर अब दिखने लगा है.

प्रतिदिन मिल रहे 1.5 लाख से अधिक आवेदन, निष्पादन की रफ्तार भी बनी मिसाल संवाददाता,पटना ग्रामीण स्तर पर न्याय और सेवाओं की सुलभता को लेकर सरकार की ओर से चलाये जा रहे प्रयासों का असर अब दिखने लगा है. ग्राम पंचायतों में संचालित आरटीपीएस (लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम) केंद्रों पर आवेदनों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है. एक अक्तूबर, 2024 से 11 मई, 2025 तक इन केंद्रों पर जहां 10.93 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे, वहीं 11 अगस्त, 2025 तक यह आंकड़ा बढ़कर 16.02 लाख हो गया है. यानी बीते तीन महीनों में ही 5.08 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं. अब प्रत्येक माह औसतन 1.5 लाख से ज्यादा लोग ग्राम पंचायतों के आरटीपीएस केंद्रों का रुख कर रहे हैं. निष्पादन में भी तेजी आयी है. 98 प्रतिशत से अधिक मामलों का हुआ निबटारा हुआ है. इन केंद्रों पर सिर्फ आवेदन ही नहीं लिए जा रहे, बल्कि निष्पादन की गति भी काबिल-ए-तारीफ है. 11 अगस्त, 2025 तक प्राप्त कुल 16,02,810 आवेदनों में से 15,73,087 का निष्पादन कर दिया गया है. यानी करीब 98 फीसदी आवेदनों का त्वरित निबटारा हो चुका है. पूर्व में इन केंद्रों पर सिर्फ 20 प्रकार की सेवाएं जैसे आय, जाति, आवासीय प्रमाणपत्र आदि की सुविधा उपलब्ध थी. अब इनकी संख्या बढ़ाकर 65 कर दी गयी है. विभिन्न विभागों की ये सेवाएं अब सीधे गांवों में ही उपलब्ध हो रही हैं ,जिससे ग्रामीणों को अपने अधिकारों के लिए भटकना नहीं पड़ रहा. सीवान अव्वल, मधुबनी-दूसरा, समस्तीपुर तीसरे स्थान पर राज्य में आरटीपीएस केंद्रों पर आवेदनों की प्राप्ति और निष्पादन में सीवान जिला शीर्ष पर है. यहां अब तक कुल 1,72,196 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1,69,294 का निष्पादन किया जा चुका है. मधुबनी जिला दूसरे स्थान पर रहा, जहां 1,64,954 में से 1,62,551 आवेदन निबटाये गये. समस्तीपुर ने तीसरा स्थान हासिल किया, जहां 74,788 में से 72,996 आवेदनों का निष्पादन हुआ है.

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By RAKESH RANJAN

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