PM modi: आचार्य किशोर कुणाल के काम को पीएम ने पहचाना, 'पद्म श्री' सम्मान मिलने पर जानें परिवार के लोगों ने क्या कहा

PM modi: 'पद्मश्री' पुरस्कार पाने वाले किशोर कुणाल का जन्म 10 अगस्त 1950 को हुआ था. उनकी प्रारंभिक शिक्षा मुजफ्फरपुर जिले के बरुराज गांव में हुई थी. इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से इतिहास और संस्कृत का अध्ययन किया और 1970 में स्नातक की डिग्री प्राप्त की. उन्होंने 1983 में मास्टर डिग्री भी प्राप्त की.

PM modi: बिहार के सात लोगों को प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों के लिए चुना गया है. जिनमें सेवानिवृत्त आईपीएस और सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कुणाल भी शामिल हैं, जिन्हें मरणोपरांत पद्म श्री दिया जा रहा है. पद्म श्री की घोषणा के बाद से आचार्य किशोर कुणाल पत्नी अनीता कुणाल ने कहा, “मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है कि उनके काम को अब सराहा और पहचाना जा रहा है. लेकिन, उनके द्वारा किए गए कामों को पहचाने में थोड़ी देर हो गई. क्योंकि, यह सम्मान पाने के लिए वह हमारे बीच नहीं हैं. अगर थोड़ा पहले यह सम्मान उन्हें दिया जाता तो अच्छा होता. लेकिन, सरकार ने अब इसकी घोषणा की है तो सब ठीक है. मुझे गर्व महसूस हो रहा है.”

सायन कुणाल ने पीएम का जताया आभार

किशोर कुणाल के बेटे सायन कुणाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरे पिता के काम को पहचाना और उन्हें सम्मानित किया. इसलिए हम उनके प्रति विशेष आभारी हैं. उन्होंने कहा कि पद्म पुरस्कारों प्रक्रिया को देखते हुए जिस तरह से बहुत कम समय में पीएम मोदी ने पिताजी के काम को संज्ञान में लेते हुए उन्हें सम्मान दिया है, इसके लिए मैं उनका विशेष रूप से आभार जताना चाहता हूं.

शांभवी चौधरी बोलीं- अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाना सच्ची श्रद्धांजलि होगी

किशोर कुणाल की बहू और सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि मैं भारत सरकार, हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करती हूं. यह पल हम सभी के गौरव का क्षण है. पिताजी के अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाना है. यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी. उनके बच्चे होने के नाते हमारा धर्म है कि हम उनके दिखाए मार्गों पर चलें और उनके अधूरे सपने को पूरा करें.

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आचार्य किशोर कुणाल के सामाजिक कामों के बारे में जानिए

पूर्व आईपीएस आचार्य किशोर कुणाल ने सामाजिक कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लिया था. वह बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष और पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर न्यास के सचिव के रूप में कार्यरत थे. उनकी सेवा और योगदान से समाज में महत्वपूर्ण बदलाव आए. किशोर कुणाल के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सामाजिक और धार्मिक कार्यों से जुड़ा हुआ था. वह अयोध्या मंदिर ट्रस्ट के संस्थापकों में से एक थे और बाबरी मस्जिद विवाद में मध्यस्थ की भूमिका भी निभाई थी.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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