PM Modi: दुनिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने वाली अपील को NDA नेताओं ने पूरी तरह सही बताया है. प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा है कि वे बेवजह यात्रा कम करें, पेट्रोल-डीजल का जरूरत भर ही इस्तेमाल करें. सोने की खरीदारी टालें और जहां संभव हो वहां घर से काम करने का विकल्प अपनाएं.
जदयू नेता संजय झा ने कहा कि दुनिया में चल रहे संघर्षों का असर भारत पर भी पड़ा है, लेकिन केंद्र सरकार ने अब तक हालात को काफी अच्छे तरीके से संभाला है. उन्होंने कहा कि ईरान से जुड़े तनाव और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों ने तेल और गैस सप्लाई पर दबाव बढ़ाया है.
क्या बोले संजय झा
संजय झा ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस गुजरता है. ऐसे में वहां तनाव बढ़ने का असर कई देशों पर पड़ना स्वाभाविक है. उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद भारत सरकार ने ईंधन आपूर्ति को स्थिर रखा और आम लोगों तक पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सामान्य बनाए रखी.
उन्होंने यह भी कहा कि इतना लंबा और गहरा वैश्विक संकट संभालना आसान नहीं था, इसलिए अब जब प्रधानमंत्री ने देशहित में अपील की है तो लोगों को भी जिम्मेदारी समझते हुए उसका पालन करना चाहिए.
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी कहा- यह समय सहयोग का है
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी प्रधानमंत्री की सलाह को जरूरी बताया. उन्होंने कहा कि अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर पूरी दुनिया की ऊर्जा व्यवस्था पर पड़ा है. पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई कई जगह प्रभावित हुई है और ऐसे समय में भारत को सावधानी के साथ आगे बढ़ना होगा.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील सिर्फ बचत की सलाह नहीं बल्कि देश को संभावित दबाव से सुरक्षित रखने की रणनीति है. कम यात्रा करना, जरूरत के मुताबिक ईंधन खर्च करना और वर्क फ्रॉम होम अपनाना जैसे कदम आने वाले समय में काफी मददगार साबित हो सकते हैं.
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सरकार की रणनीति से फिलहाल स्थिर है स्थिति, लेकिन सतर्कता जरूरी
NDA नेताओं ने कहा कि सरकार की योजना और बेहतर प्रबंधन की वजह से फिलहाल भारत में ईंधन संकट जैसी बड़ी स्थिति नहीं बनी है. वैश्विक अस्थिरता अभी भी खत्म नहीं हुई है. ऐसे में आने वाले समय को देखते हुए नागरिकों का सहयोग बेहद जरूरी माना जा रहा है. नेताओं ने कहा कि अगर लोग अभी से ईंधन बचाने को गंभीरता से लेंगे तो भविष्य में आने वाले दबाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
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