बिहार में फिर महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े दाम, जानें नया रेट

Petrol-Diesel Price: पटना समेत बिहार में पेट्रोल-डीजल फिर महंगा हो गया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मिडिल ईस्ट तनाव के बीच तेल कंपनियों ने दाम बढ़ा दिए हैं. लगातार दूसरी बढ़ोतरी से आम लोगों की जेब, रसोई और सफर का बजट बिगड़ने लगा है.

Petrol-Diesel Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार जारी उथल-पुथल का असर अब बिहार के लोगों की जेब पर साफ दिखने लगा है. पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने मंगलवार सुबह पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी.

एक हफ्ते से भी कम समय में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है. इससे पहले पिछले शुक्रवार को भी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था. लगातार बढ़ती कीमतों से आम लोगों के साथ ट्रांसपोर्ट और कृषि क्षेत्र की चिंता भी बढ़ गई है.

पटना में नया रेट क्या हुआ?

पटना में पेट्रोल की कीमत अब 109.57 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है. इससे पहले यह 108.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था. वहीं डीजल की कीमत 94.65 रुपये से बढ़कर 95.55 रुपये प्रति लीटर हो गई है. लगातार बढ़ते दामों का असर सबसे ज्यादा मध्यम वर्ग और रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों पर पड़ रहा है. ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, छोटे कारोबारी और ऑटो चालक इसे लेकर खासे परेशान हैं.

जमुई में पेट्रोल की कैपिंग, 200 रुपये तक सीमित बिक्री

तेल की बढ़ती कीमतों और सप्लाई को लेकर आशंका के बीच बिहार के कुछ जिलों में हालात अलग तरह के देखने को मिल रहे हैं. जमुई के कई पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को सीमित मात्रा में ही पेट्रोल दिया जा रहा है. कुछ पंपों पर सिर्फ 200 रुपये तक का पेट्रोल देने की बात सामने आई है.

इस वजह से लोगों को लंबी कतारों और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में दिक्कत और बढ़ सकती है.

आम आदमी की रसोई और जेब पर पड़ेगा असर

डीजल की कीमत बढ़ने का सीधा असर सिर्फ गाड़ियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर बाजार और घर की रसोई तक पहुंचता है.

मालभाड़ा होगा महंगा

ट्रक, पिकअप और टेम्पो का किराया बढ़ने से दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन की कीमतें बढ़ सकती हैं.

खेती की लागत बढ़ेगी

ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले पंपिंग सेट डीजल से चलते हैं. ऐसे में किसानों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर अनाज और खाद्य सामग्री की कीमतों पर पड़ सकता है.

बस और ऑटो किराया बढ़ने की आशंका

सार्वजनिक परिवहन, स्कूल बस और ऑटो किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है. इससे रोज सफर करने वाले लोगों का मासिक बजट बिगड़ सकता है.

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी है. ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से उछली हैं.

कुछ समय पहले तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है. इससे सरकारी तेल कंपनियों पर भारी आर्थिक दबाव बढ़ गया है.

आगे और महंगा हो सकता है ईंधन

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहीं, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है. इसका असर सीधे महंगाई और आम लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा.

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Published by: Abhinandan pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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