हॉटस्टार वेब सीरीज ‘मछली’ में मुख्य भूमिका में पटना के राहुल, बिहार में किया गया हैं शूट

पटना के रहने वाले राहुल वेब सीरीज 'मछली' में मुख्य भूमिका में नजर आएं है. राहुल वेब सीरीज में काम कर अपनी पहचान बनाई है. वेब सीरीज मछली में उन्होंने संवाद दिया है कि ''शरीफों की तरह सोचना छोड़ दो तो पैसे कमाने के हज़ार तरीके है"

By Prabhat Khabar Print Desk | March 15, 2023 4:58 PM

बिहार के लोग हर क्षेत्र में नाम कर रहे है. अब बिहार के लोग फिल्मी दुनिया में भी अपनी अलग पहचान बना रहे है. वहीं पटना के रहने वाले राहुल वेब सीरीज ‘मछली’ में मुख्य भूमिका में दिखाई दिये. राहुल वेब सीरीज में काम कर अपनी पहचान बनाई है. वेब सीरीज मछली में उन्होंने संवाद दिया है कि ”शरीफों की तरह सोचना छोड़ दो तो पैसे कमाने के हज़ार तरीके है” 14 वर्षों से रंगमच और टेलिविजन में सक्रिय होते हुए राहुल ने दरूदर्शन, बिग मैजिक, ज़ी परुवैया आदि चनैलों पे भी काम किया है. राहुल की रुचि बचपन से ही अभिनय में रही है. राहुल के इस सफलता को देखकर बिहार के कई लोगों को उनसे प्रेरणा भी मिलेगा.

हॉटस्टार वेब सीरीज 'मछली' में मुख्य भूमिका में पटना के राहुल, बिहार में किया गया हैं शूट 2
सफलता में पिता का रहा सबसे बड़ा योगदान

राहुल बताते हैं की स्कूल के वक्त से अभिनय में रूचि होने के कारण शिक्षकों के प्रिय रहे. अपने पिता जी को आदर्श मानने वाले राहुल बताते है की अपनी इच्छा पिता जी को बताने पर वो बहुत खुश हुए और बजाए डांटने-फटकारने के उनकी प्रतिक्रिया थी की “लक्ष्य को पाने के लिए खबू मेहनत करो और कभी कैरियर को लेकर निराशा आये तो ये याद रखना इसका चयन तुमने खुद किया है”. मेरी सफलता में सबसे बड़ा हाथ मेरे पिता का है.

बिहार में बनी है मछली

वहीं, वेब सीरीज के बारे में बात करते हुए राहुल ने कहा की युवाओं पर केंद्रित एक सेमी कमर्शियल कहानी है मछली. डिज़्नी प्लस हॉटस्टार पर प्रसारित हो रही इस सीरीज के निर्देशक अनिमेष वर्मा हैं. ये शत प्रतिशत बिहार में बनी सीरीज है, लेकिन ऐसा बहुत कम होता है. राहुल कहते है ये महज सीरीज नही है, मैं समझता हूं ये एक क्रांति है क्षेत्रिय फिल्मों को देश विदेश तक पहुंचाने की. बिहार में सिनेमा को बढ़ावा मिलना चाहिए ताकि रोजगार के अवसर बन सके. इससे बिहार की जो नकरात्मक छवि बाहर बनी है उसमे सुधार होगा. साथ हीं अगर बिहार सिनेमा में आत्मनिर्भर बनेगा तो हमें माइग्रेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी. उत्तर प्रदेश और झारखंड में सब्सिडी है लेकिन बिहार में इसकी जरूरत नहीं समझते इसलिए बाहर से यहां लोग शूट करने कम आते है. अगर राज्य सरकार कला के इस पक्ष में रुचि दिखाए तो बिहारियों का मनोबल बढ़ा रहेगा और तो और पर्यटक को बढ़ावा मिलेगा अगर बिहार सिनेमा के जरिये दुनिया तक पहुंचेगा.

Next Article

Exit mobile version