Patna Cyber Fraud : पटना में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है, जहां नत्थुपुर रोड निवासी नीरज कुमार चंद्रवंशी के दो बैंक खातों से कुल 1.97 लाख रुपये अवैध तरीके से निकाल लिए गए. दो अलग-अलग ट्रांजैक्शन के बाद मोबाइल पर अपडेट मैसेज आने से उन्हें रकम निकाले जाने की जानकारी मिली. घटना के अगले दिन बदमाशों ने फोन कर धमकी दी और दोबारा पैसों की मांग की. पीड़ित ने साइबर थाना में आवेदन देकर कार्रवाई की गुहार लगाई है.
दो बैंक खातों से दो बार में निकाली रकम
नत्थुपुर रोड निवासी नीरज कुमार चंद्रवंशी साइबर ठगी के शिकार हो गए. साइबर बदमाशों ने उनके दो बैंक खातों से दो अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 1.97 लाख रुपये निकाल लिए. पहली बार 98 हजार 550 रुपये और दूसरी बार 99 हजार रुपये का अवैध ट्रांजैक्शन किया गया.
मोबाइल पर मैसेज आया तो खुला ठगी का राज
दोनों खातों से रकम निकलने के बाद नीरज कुमार के मोबाइल पर बैंक ट्रांजैक्शन से जुड़े अपडेट मैसेज पहुंचे. मैसेज देखने के बाद उन्हें अपने खातों से पैसे निकाले जाने की जानकारी हुई. इसके बाद उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया.
ठगी के बाद भी नहीं रुके बदमाश
मामला केवल बैंक खाते से रकम निकालने तक सीमित नहीं रहा. घटना के अगले दिन साइबर बदमाशों ने एक अज्ञात नंबर से नीरज कुमार को फोन किया. आरोप है कि फोन करने वाले ने उन्हें धमकाया और दोबारा पैसे देने की मांग की. इस कॉल के बाद पीड़ित की परेशानी और बढ़ गई.
साइबर थाना में दिया लिखित आवेदन
घटना से परेशान नीरज कुमार चंद्रवंशी ने पटना साइबर थाना में लिखित आवेदन दिया. उन्होंने पुलिस से मामले में त्वरित कार्रवाई करने और ठगी गई रकम वापस कराने की मांग की है. शिकायत के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल रिकॉर्ड की जांच
पुलिस अब बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी और फोन कॉल से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर मामले की जांच कर रही है. जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रकम किस खाते में ट्रांसफर हुई और धमकी देने के लिए इस्तेमाल किए गए नंबर के पीछे कौन है. पुलिस उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में जुटी है.
ठगी से बचने के लिए सतर्क रहना जरूरी
साइबर अपराध के मामलों में बैंक खाते से जुड़े मैसेज और अनजान नंबर से आने वाली कॉल को गंभीरता से लेना जरूरी है. किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए. संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखने पर तुरंत बैंक और संबंधित साइबर अपराध हेल्पलाइन या पुलिस को सूचना देना जरूरी है.
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