(खगौल) पटना (संजय पांडेय की रिपोर्ट). राजधानी पटना के खगौल थाना क्षेत्र अंतर्गत एलिवेटेड सड़क के पिलर संख्या 18 के समीप पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़े नशे के रैकेट का पर्दाफाश किया है. गश्ती दल ने मौके से स्मैक की आपूर्ति करने पहुंचे एक मुख्य तस्कर को दबोच लिया. वहीं, ऑटो से 3 लाख रुपये नकद लेकर स्मैक की खेप खरीदने पहुंचे दो नाबालिगों को भी पुलिस ने निरुद्ध कर लिया. पकड़े गए आरोपियों के पास से 593 ग्राम स्मैक, 3 लाख रुपये नकद और एक ऑटो जब्त किया गया है.
एलिवेटेड रोड के पिलर 18 पर चल रही थी डील
खगौल थानाध्यक्ष रंजन कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना और गश्ती के दौरान पुलिस टीम ने एलिवेटेड सड़क के पिलर संख्या 18 के पास संदिग्ध गतिविधि देखी. आरा के मुफस्सिल निवासी तस्कर सतेन्द्र यादव ट्रेन से दानापुर रेलवे स्टेशन उतरा था और डिलीवरी देने पिलर के पास पहुंचा था. वहीं पटना के मंदिरी इलाके के रहने वाले दो नाबालिग पहले से ही ऑटो लेकर वहां पहुंचे हुए थे. तीनों के बीच स्मैक की डिलीवरी और नकदी के लेनदेन की सौदेबाजी चल ही रही थी कि पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया.
जेल से छूटते ही फिर अपराध में लगा नाबालिग
पुलिस की प्राथमिक छानबीन में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि निरुद्ध किए गए नाबालिगों में से एक पहले भी अपराध के मामले में बुद्धा कॉलोनी थाने से जेल जा चुका है और हाल ही में रिहा होकर बाहर आया था. बाहर आते ही उसने फिर से मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री का नेटवर्क संभाल लिया. पूछताछ के दौरान तस्कर सतेन्द्र यादव ने स्वीकार किया कि वह खेप पहुंचाने दानापुर आया था और नकदी लेकर वापस लौटने की योजना थी. पुलिस अब पूरे नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाल रही है.
सूखे नशे की चपेट में युवा पीढ़ी, बढ़ी चोरी की वारदातें
स्थानीय नागरिकों ने इस गिरोह के खुलासे पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इलाके में कम उम्र के किशोर सूखे नशे (स्मैक और हेरोइन) की गिरफ्त में तेजी से फंस रहे हैं. स्टेशन और आसपास के सुनसान इलाकों में किशोर नशा करते देखे जाते हैं. नशे की लत को पूरा करने के लिए ये किशोर चोरी, छिनतई और अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने से भी नहीं हिचकते. नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध कारोबार पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए निरंतर सघन अभियान चलाया जाए.
