Patna News: पटना नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक में सबसे अधिक टैक्स की वसूली की है. इस बार लक्ष्य को पार करते हुए करीब 250 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया है. हालांकि, इसमें अकेले प्रोपर्टी टैक्स व सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट चार्ज से आने वाले कर का सहयोग रहा. लक्ष्य 116 करोड़ को पार करते हुए निगम ने ओटीएस का लाभ दे 125 करोड़ रुपये की वसूली की है. मालूम हो कि पिछले वित्तीय वर्ष में निगम को 97.48 करोड़ रुपये प्रोपर्टी व सॉलिड वेस्ट के लिए टैक्स प्राप्त हुआ था. इस बार सरकारी संपत्तियों से करीब 29 करोड़ रुपये का टैक्स मिला है. हालांकि, इसके बावजूद कई सरकारी दफ्तर व संस्थानों का बकाया है.
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बता दें कि, निगम को प्रॉपर्टी टैक्स, शहरी योजना शाखा, भू-संपदा, पार्किंग, म्यूटेशन, मोबाइल टॉवर, जलापूर्ति, स्टाम्प ड्यूटी, विज्ञापन शुल्क, प्रोफेशनल टैक्स सहित 22 अलग-अलग स्रोतों से आय प्राप्त हुई. मालूम हो कि पटना नगर निगम क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 3 लाख 6 हजार होल्डिंग्स दर्ज हैं. इनमें से करीब 2 लाख 45 हजार होल्डिंग्स ने टैक्स का भुगतान किया. 31 मार्च को ओटीएस के लिए अंतिम दिन था, जिसके चलते देर रात 11 बजे तक लोग भुगतान करते रहे.
जून माह तक टैक्स भुगतान में मिलेगा पांच फीसदी का छूट
महापौर सीता साहू ने बताया कि कर संग्रह बढ़ाने के लिए 375 सेक्टरों में 924 कर्मियों की टीम बनाकर विशेष सर्वे अभियान चलाया गया. बिजली बिल के आधार पर बिना होल्डिंग आइडी वाली संपत्तियों की पहचान कर उन्हें टैक्स (Property Tax) दायरे में लाया गया. साथ ही, वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना के तहत ब्याज और जुर्माने में छूट देने से बकायेदारों ने एकमुश्त भुगतान किया और वसूली में तेजी आई. उन्होंने अपील की है कि 2026-27 के लिए अप्रैल से जून के बीच टैक्स जमा करने पर 5% छूट का लाभ दिया जायेगा.
9435 संपत्तिधारकों को नोटिस जारी किया गया
वहीं, नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि 5 हजार रुपये से अधिक बकाया वाले 9435 संपत्तिधारकों को नोटिस जारी कर विशेष अभियान चलाया गया. धावा दल के माध्यम से नियमानुसार कार्रवाई की गई. कर संग्रह की निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर पर डैशबोर्ड से रियल टाइम मॉनिटरिंग की गई. डोर-टू-डोर कलेक्टर्स को ट्रेनिंग दी गई और उनके कार्य की नियमित समीक्षा भी की गई.
छुट्टी के दिन भी खुले रहे काउंटर व रोजाना पांच लाख मैसेज भेजे
नागरिकों की सुविधा के लिए सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक मुख्यालय और अंचल कार्यालयों में काउंटर खुले रहे, यहां तक कि अवकाश के दिन भी वसूली जारी रही. निगम ने बड़े स्तर पर एसएमएस अभियान चलाकर रोजाना करीब पांच लाख मैसेज भेजे व कंट्रोल रूम से लगातार फॉलो-अप किया. बाहर रह रहे संपत्तिधारकों को भी ऑनलाइन भुगतान के लिए प्रेरित किया गया. वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर-घर जाकर टैक्स कलेक्शन की सुविधा दी गई.
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वित्तीय वर्ष 2025-26 के शीर्ष सरकारी संपत्ति करदाता
भवन निर्माण विभाग- 15.80 करोड़
एएन कॉलेज- 4.37 करोड़
सीआरपीएफ-1.12 करोड़
ऊर्जा विभाग-93.98 लाख
पीएमसीएच- 78.31 लाख
