Patna: पटना और हाजीपुर के बीच सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. महात्मा गांधी सेतु पर लगने वाले घंटों के जाम से अब जल्द ही राहत मिलने वाली है. पथ निर्माण विभाग इस ऐतिहासिक पुल के बगल में एक नया फोर-लेन ब्रिज बना रहा है, जिसका काम इस साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है. अधिकारियों का मानना है कि इस नए पुल के शुरू होते ही उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच गाड़ियों की आवाजाही पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएगी.
कब हुआ था फैसला
महात्मा गांधी सेतु काफी पुराना हो चुका है और इस पर गाड़ियों का दबाव लगातार बढ़ रहा था. इसी समस्या को देखते हुए साल 2021 में इसके समानांतर एक नया पुल बनाने का फैसला लिया गया. लगभग 5.5 किलोमीटर लंबे इस मुख्य पुल को बनाने की जिम्मेदारी एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है. अब तक इस प्रोजेक्ट का 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है और विभाग का दावा है कि दिसंबर 2026 तक इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा.
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किन जिलों को होगा फायदा
इस नए पुल के निर्माण पर केंद्र सरकार 2926.42 करोड़ रुपये खर्च कर रही है. यह पुल सिर्फ पटना और हाजीपुर को ही नहीं जोड़ेगा, बल्कि इससे गया, औरंगाबाद, नालंदा जैसे दक्षिण बिहार के जिलों का कनेक्ट छपरा, वैशाली और दरभंगा जैसे उत्तर बिहार के जिलों से बेहतर हो जाएगा. गांधी सेतु के सुपर स्ट्रक्चर में सुधार के बावजूद ट्रैफिक की जो समस्या बनी रहती थी. यह नया फोर-लेन उसका परमानेंट समाधान साबित होगा.
जब यह पुल पूरी तरह तैयार हो जाएगा तो बिहार की लाइफलाइन कहे जाने वाले इस रूट पर सफर का समय काफी घट जाएगा. 14.5 किलोमीटर लंबी सड़क कनेक्टिविटी के साथ यह प्रोजेक्ट बिहार के विकास में मील का पत्थर साबित होगा. अब लोगों को गांधी सेतु पर रुक-रुक कर चलने वाली गाड़ियों और धुएं से भरी भीड़ में घंटों बर्बाद नहीं करने पड़ेंगे.
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