Patna News : नौबतपुर प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित राज्य खाद्य निगम (SFC) के टीपीडीएस गोदाम में मजदूरों (पोलदारों) और ठेकेदार के बीच मजदूरी को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. पोलदारों द्वारा कम भुगतान और श्रम मानकों के उल्लंघन का आरोप लगाए जाने के बावजूद पांच दिन बीत जाने के बाद भी संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई या आधिकारिक जांच शुरू नहीं की गई है. इससे मजदूरों में भारी नाराजगी है.
सरकारी दर के बजाय ₹4 प्रति बोरा मिलने का आरोप
पोलदारों का कहना है कि वे वर्ष 2008 से लगातार गोदाम में अनाज की लोडिंग और अनलोडिंग का कार्य कर रहे हैं. उनका आरोप है कि सरकारी निर्धारित मजदूरी दर ₹10.20 प्रति बोरा है, लेकिन उन्हें केवल ₹4 प्रति बोरा का भुगतान किया जा रहा है. इस मामले को लेकर पोलदार दिनेश कुमार, वीरेंद्र कुमार और संजय कुमार ने संबंधित अधिकारियों से जांच की मांग की है.
प्रशासन की चुप्पी से बढ़ा मजदूरों का आक्रोश
मजदूरों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारियों ने न तो ठेकेदार से कोई स्पष्टीकरण मांगा और न ही कार्यस्थल पर मजदूरी दरों की जांच के लिए कोई टीम भेजी. प्रशासन की निष्क्रियता से पोलदारों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है.
ठेकेदार ने बताया अपना पक्ष
इस पूरे मामले में ठेकेदार टुन्नु गुप्ता का कहना है कि सरकार की ओर से ट्रांसपोर्टिंग और लोडिंग मद में केवल ₹38 प्रति क्विंटल का भुगतान मिलता है, जबकि उनका कुल खर्च ₹40 प्रति क्विंटल तक पहुंच जाता है. उनका कहना है कि इसी कारण वर्तमान भुगतान व्यवस्था लागू है.
हड़ताल की चेतावनी, PDS व्यवस्था पर पड़ सकता है असर
पोलदारों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में ₹4 प्रति बोरा की मजदूरी से परिवार का भरण-पोषण करना संभव नहीं है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप कर ठेकेदारी व्यवस्था की जांच नहीं करता और सरकारी मानकों के अनुसार मजदूरी सुनिश्चित नहीं की जाती, तो वे गोदाम में लोडिंग-अनलोडिंग कार्य बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे. इससे प्रखंड की जन वितरण प्रणाली (PDS) की आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है.
मजदूरों की मांग, जल्द हो निष्पक्ष जांच
पोलदारों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सरकारी निर्धारित मजदूरी दर के अनुसार भुगतान सुनिश्चित किया जाए. उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
