पटना के NMCH में नवंबर तक तैयार होगा 100 बेड वाला प्री-फैबफील्ड भवन, नियमित आहार और दवाएं भी होंगी उपलब्ध

पटना के एनएमसीएच में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास पर विशेष ध्यान दिया जायेगा. प्रशासनिक भवन, 600 बेड के मेडिसिन विभाग और शिशु रोग विभाग के नये भवन के निर्माण के लिए विभाग से समन्वय भी स्थापित किया जाएगा.

पटना. एनएमसीएच के रोगी कल्याण समिति की बैठक मंगलवार को हुई. पटना के प्रमंडलीय आयुक्त सह समिति के अध्यक्ष कुमार रवि की अध्यक्षता में हुई बैठक में एनएमसीएच द्वारा मरीजों के कल्याण के लिए किये जा रहे कार्यों का जायजा लिया गया. इसका आयोजन आयुक्त कार्यालय स्थित सभागार में किया गया था. अस्पताल के प्रबंधन, संचालन और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गयी.

बैठक में आयुक्त कुमार रवि ने कहा कि एनएमसीएच में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास पर विशेष ध्यान दिया जायेगा. उन्होंने प्रशासनिक भवन, 600 बेड के मेडिसिन विभाग और शिशु रोग विभाग के नये भवन के निर्माण के लिए विभाग से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया है. आयुक्त ने बीएमएसआइसीएल को निर्देश दिया कि 27 नवंबर तक एनएमसीएच के परिसर में इसीआरपी-2 के तहत 100 बेड वाले प्री-फैबफील्ड (अस्थायी) अस्पताल का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाना चाहिए. आयुक्त ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को मानक के अनुसार गुणवत्तापूर्ण नियमित आहार और दवाओं को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने को कहा है.

इस वर्ष में तीन लाख रोगियों का ओपीडी में इलाज

अस्पताल के अधीक्षक ने बताया कि इस वर्ष 26 सितंबर तक अस्पताल की ओपीडी में करीब 3,00,134 मरीजों का इलाज किया जा चुका है. वहीं अस्पताल में इस दौरान 29,188 मरीजों को भर्ती किया गया है. अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, एक्सरे व पीपीपी मोड पर सीटी स्कैन, एमआरआइ की सुविधा उपलब्ध है और लगभग 40 प्रकार की पैथोलॉजी,माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री जांच की सुविधा उपलब्ध है.

अब तक अस्पताल में 2098 मेजर और 2585 माइनर सर्जरी हो चुकी हैं. संस्थान में क्लिनिकल केटेगरी में 110 सीनियर रेजिडेंट, 17 चिकित्सा पदाधिकारी और 66 जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर रोस्टर वार उपलब्ध हैं. इस संस्थान में एक श्रेणी की 503 नर्स, 12 ओटी सहायक, 14 लैब तकनीशियन, दो इसीजी तकनीशियन, चार एक्सरे तकनीशियन, 36 लिपिक तथा 107 चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी कार्यरत हैं. एनएमसीएच में सुरक्षा के लिए 175 सुरक्षाकर्मी आउटसोर्सिंग एजेंसी के द्वारा तैनात हैं. कुल 315 सीसीटीवी कैमरा लगाये गये हैं.

एक सप्ताह में लागू होगा बायोमीटरिक अटेंडेंस सिस्टम

आयुक्त ने राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश के अनुसार अस्पताल के सभी चिकित्सकों और कर्मियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए एक सप्ताह के अंदर बिहार बायोमीटरिक अटेंडेंस सिस्टम प्रणाली को लागू करने का निर्देश दिया है. आयुक्त ने अस्पताल की सुरक्षा-व्यवस्था सुदृृढ़ रखने का निर्देश दिया है. सीसीटीवी कैमरों से विभागों-वार्डों एवं परिसर में गतिविधियों की नियमित रूप से निगरानी करने को कहा है.

लंबित प्रोत्साहन राशि का होगा भुगतान

आयुक्त ने निर्देश दिया है कि परिवार नियोजन अंतर्गत सर्जरी के बाद आशा और एएनएम के बीच प्रोत्साहन राशि के लंबित भुगतान का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करें. अस्पताल में आने वाले बाह्य रोगियों और भर्ती रोगियों के स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखी जाये, ताकि उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो. इस बैठक में आयुक्त के साथ पटना डीएम और समिति के उपाध्यक्ष डॉ चंद्रशेखर सिंह, एनएमसीएच के प्राचार्य-अधीक्षक समेत कई अन्य मौजूद थे.

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