खबर में ये प्वांट हैं खास
Nitish Kumar son Nishant Kumar Politics : पटना के गांधी मैदान में ईद की नमाज के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अनुपस्थित रहे. उनकी जगह इस कमी को निशांत कुमार पूरी करते नजर आए. ऐसा शायद 20 सालों में पहली बार ऐसा हुआ होगा. जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने उन वोटरों के पास नहीं पहुंचे, जिसे उन्होंने बीजेपी के साथ गठबंधन में भी अपने साथ जोड़े रखा था. लेकिन सीएम नीतीश की गैरमौजूदगी ऐसे ही नहीं थी. इस ‘वैक्यूम’ को एक सोची-समझी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है.
निशांत को तैयार कर रहे सीएम नीतीश!
ये अलग बात है कि नीतीश गांधी मैदान नहीं पहुंचे. लेकिन उनकी जगह निशांत कुमार पहुंचे. अब इसे राजनीतिक नजरिए से देखना तो बनता ही है. सवाल ये कि क्या नीतीश कुमार निशांत को तैयार कर रहे हैं? क्या निशांत नीतीश कुमार की तरह ही उनके उन वोटरों को साध पाएंगे? और क्या वो कार्यकर्ताओं में भी वो पकड़ बना पाएंगे जैसा नीतीश कुमार की थी? इन सभी की तैयारी और प्रोजेक्शन दोनों चल रहा है. नीतीश के राज्यसभा जाने के बाद जो वैक्यूम क्रिएट होगा. उसे कैसे भरा जाए, उसकी भी प्रैक्टिस चल रही है?
क्या होगा अगला दांव
तो आइए, अब इन्हीं सवालों को समझने की कोशिश करेंगे कि आखिर ऐसा क्यों हुआ? बिहार जैसे पॉलिटिकली चार्ज प्रदेश के लिए तो ऐसा संभव ही नहीं है कि यहां कुछ भी ऐसे ही हो जाए. यहां सब कुछ प्लांड होता है और राजनीति की अगली चाल को ध्यान में रखकर किया जाता है. तैयारी भी पहले से की जाती है. निशांत उसी तैयारी की एक चाल हैं. हालांकि नीतीश अपनी समृद्धि यात्रा में लगे हुए हैं और एक्टिव भी हैं. मगर उन्होंने निशांत को मौका दिया.
भविष्य में बड़ी जिम्मेदारी की तैयारी?
राजनीतिक जानकारों का यह भी मानना है कि नीतीश कुमार खुद को राज्यसभा भेजकर निशांत को तैयार करना चाहते हैं. ताकि भविष्य में उनके कंधे पर बड़ी जिम्मेदारी डाली जा सके. अब बड़ी जिम्मेदारी क्या होगी, ये तो नीतीश कुमार का अगला कदम ही बताएगा. लेकिन इस कदम से नीतीश कुमार ने अपने मुस्लिम वोटरों को ये संदेश तो दे ही दिया है कि मैं बिहार में रहूं या न रहूं मेरा बेटा आपके साथ है और आप सभी को इंटैक्ट रहना है.
नीतीश की तरह ही लोगों से मिले निशांत
निशांत ने भी इस मौके का पूरा फायदा उठाया. उन्होंने लोगों से मुलाकात की. रोजेदारों से गले मिले, उनके साथ सेल्फी खिंचवाई. निशांत ने वैसा ही किया जैसा उनके पिता चाहते थे. यहां निशांत लोगों का दिल जीतते दिखे. पिता नीतीश कुमार के बदले निशांत ने गांधी मैदान पहुंचकर लोगों का अभिवादन किया और नीतीश कुमार से कहीं ज्यादा आत्मीयता से मिलते दिखे. इसकी वजह ये थी कि नीतीश कुमार के साथ काफी प्रोटोकॉल होता है.
नीतीश ने दिए कई संदेश
ऐसे में आज राजनीतिक हलकों में इस बात की भी चर्चा तेज होती नजर आ रही कि निशांत जल्द ही नीतीश का साम्राज्य संभालने योग्य हो जाएंगे. वहीं, चर्चा इस बात की भी है कि नई सरकार के गठन से पहले वो निशांत के जरिए नीतीश बीजेपी सहित पूरे बिहार को ये संदेश देना चाहते हैं कि निशांत डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी संभाल लेंगे.
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