-शैक्षणिक संस्थानों के स्टूडेंट्स को मिलेगा औद्योगिक प्रशिक्षण, हुआ एमओयू
संवाददाता, पटनाबिहार राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद (बीएसएचइसी) द्वारा व्यावहारिक प्रशिक्षण बोर्ड (पूर्वी क्षेत्र) (बीओपीटी-इआर) के सहयोग से बुद्ध मार्ग, पटना स्थित परिषद सभागार में ‘अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम (एइडीपी) के कार्यान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुआ. इस अवसर पर राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों, संबद्ध महाविद्यालयों व बीओपीटी-इआर के बीच औपचारिक रूप से समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया. यह पहल उच्च शिक्षण संस्थानों में अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ औद्योगिक प्रशिक्षण को एकीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके माध्यम से छात्रों को डिग्री प्राप्ति के दौरान ही व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराया जायेगा. समारोह में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन, निदेशक (उच्च शिक्षा) प्रो एनके अग्रवाल, बीएसएचइसी के उप सचिव (प्रशासन) राम सागर सिंह, बीओपीटी (पूर्वी क्षेत्र) के निदेशक डॉ एसएम एजाज अहमद सहित पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना विश्वविद्यालय, मगध विश्वविद्यालय, बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय व तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों व प्रथम चरण में चयनित 11 महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही. इस अवसर पर निदेशक (उच्च शिक्षा) प्रो एनके अग्रवाल ने कहा कि अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम के माध्यम से शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी कम होगी व छात्र अपनी पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल भी अर्जित कर सकेंगे, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी.
उद्योग आधारित प्रशिक्षण, कौशल विकास व रोजगारोन्मुखी अवसर उपलब्ध होंगे
विभागीय सचिव राजीव रौशन ने कहा कि एइडीपी के अंतर्गत अकादमिक शिक्षा के साथ संरचित ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण को जोड़कर छात्रों को उद्योग के अनुरूप दक्ष बनाया जायेगा. यह पहल राज्य में कुशल व रोजगारोन्मुखी कार्यबल के निर्माण में सहायक सिद्ध होगी. डॉ एसएम एजाज अहमद ने कहा कि एइडीपी उच्च शिक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का प्रतीक है, जो छात्रों को कक्षा से बाहर वास्तविक औद्योगिक परिवेश में सीखने का अवसर प्रदान करता है व ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने में सहायक है. कार्यक्रम के अंत में बीएसएचइसी के उप सचिव (प्रशासन) राम सागर सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी सहभागी संस्थानों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया. इस पहल के माध्यम से छात्रों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण, कौशल विकास व रोजगारोन्मुखी अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे अकादमिक ज्ञान और औद्योगिक आवश्यकताओं के बीच की खाई को पाटने में मदद मिलेगी. यह राज्य सरकार की गुणवत्तापूर्ण एवं कौशल आधारित उच्च शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है.
