Nishant Kumar: जदयू नेता निशांत कुमार तीन मई को गांधी की कर्मभूमि पश्चिम चंपारण जिले से सद्भाव यात्रा की शुरुआत करेंगे. पहले चरण की इस यात्रा में वे तीन और चार मई को बगहा और बेतिया में पंचायत स्तर तक के पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे. साथ ही उन सभी से सीधा संवाद स्थापित करेंगे. इसके साथ ही दूसरे चरण के यात्रा की शुरुआत सात मई को वैशाली जिले से होगी. यह जानकारी जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में दीं.
जदयू प्रदेश चीफ ने क्या बताया
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि इस यात्रा को लेकर पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं सहित पूरे प्रदेश की जनता में व्यापक उत्साह और उमंग का माहौल है. निशांत की यह ऐतिहासिक यात्रा बिहार के आने वाले तीन-चार दशकों की राजनीति की दिशा और दशा तय करने वाली साबित होगी. उन्होंने कहा कि समय करवट ले रहा है और राजनीति के एक नये युग की शुरुआत हो चुकी है. आज पूरा बिहार ऐसे नेतृत्व की ओर भरोसे की निगाहों से देख रहा है, जो समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर राज्य को सद्भाव, सुशासन और सर्वांगीण विकास के मार्ग पर आगे बढ़ा सके.
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न्याय के साथ विकास की विरासत को आगे बढ़ाने की तैयारी
उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि निशांत कुमार ने स्वयं इस यात्रा का नाम सद्भाव यात्रा रखा है. सद्भाव का अर्थ ही सबको साथ लेकर चलने का भाव है और इसी भावना के साथ वे न्याय के साथ विकास की विरासत को आगे बढ़ाएंगे.
उन्होंने आगे कहा कि बिहार को इस राह पर वही नेतृत्व ले जा सकता है, जिसमें नीतीश कुमार के संस्कार और उनके सुशासन माॅडल की गहरी समझ हो. साथ ही 14 करोड़ बिहारवासियों को साथ लेकर चलने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो. जब हम इन सभी गुणों की चर्चा करते हैं, तो जहन में केवल निशांत कुमार का नाम उभरकर सामने आता है.
कुशवाहा ने जानकारी देते हुये बताया कि इस यात्रा के दौरान प्रदेश अध्यक्ष के रूप में वे स्वयं और जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार सहित संबंधित जिलों के सांसद, विधायक, विधान पार्षद सहित जिला से लेकर पंचायत स्तर तक के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे.
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