पटना जिले के प्रत्येक प्रखंड में कुल 23 मॉडल स्कूल खोले गये हैं. सभी स्कूलों में कक्षा 9वीं में नामांकन प्रक्रिया जारी है. शहर के मॉडल स्कूल में जारी सूची के आधार कक्षा 9वीं में नामांकन कार्य पूरा कर लिया गया है. शहर के मॉडल स्कूल में लगभग सभी सीटें फुल हो चुकी हैं, लेकिन जिले के अन्य प्रखंडों के मॉडल स्कूल में नामांकन लेने विद्यार्थियों की संख्या नगण्य है. शहर में मात्र एक पटना कॉलेजिएट स्कूल को मॉडल स्कूल बनाया गया है. जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार पटना सहित दानापुर और फुलवारीशरीफ में खोले गये मॉडल स्कूलों में बच्चों के नामांकन की स्थिति बेहतर है. मॉडल स्कूलों में नामांकन के लिए जिन बच्चों की सूची जारी की गयी थी, वे कहीं न कहीं सामान्य स्कूल में नामांकन ले चुके हैं. इसलिए बाहर के प्रखंडों में नामांकन लेने वाले छात्रों की संख्या कम है. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को नामांकन प्रतिशत बढ़ाने का निर्देश दिया गया है.
छात्रवृत्ति योजना परीक्षा में सफल छात्रों का होना है मॉडल स्कूल में एडमिशन
राष्ट्रीय आय-सह मेधा छात्रवृत्ति योजना परीक्षा (एनएमएमएसएस 2025-26) में सफल विद्यार्थियों का ही एडमिशन मॉडल स्कूलों में कक्षा 9वीं में नामांकन होना है. मॉडल स्कूलों में नामांकन के लिए विद्यार्थियों की सूची राज्य शिक्षा शोध व प्रशिक्षण परिषद की ओर से जारी गयी है. राज्य के 534 और पटना जिले के 23 मॉडल स्कूलों में कक्षा 9वीं में एडमिशन होना है. कक्षा 9वीं के एक सेक्शन में 40 बच्चों का नामांकन लिया जाना है, जिसमें पटना जिले में 920 बच्चों के नामांकन के लिए सूची तैयार कर ली गयी है.
इंटरव्यू के जरिये चयनित किये गये शिक्षक
जिले में बने प्रत्येक मॉडल स्कूल में विषयवार कुल 16 शिक्षक नियुक्त किये जायेंगे. जिला शिक्षा पदाधिकारी साकेत रंजन ने बताया कि शिक्षकों के इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. अब केवल स्कूल आवंटित किया जाना है. विभाग से निर्देश मिलते ही शिक्षकों को स्कूल आवंटित कर दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि सभी प्रखंडों से मॉडल स्कूल में एडमिशन लेने वाले बच्चों की संख्या मांगी गयी है.