पटना हॉस्टल कांड: छात्रा की डायरी में लिखा है- 'आई एम अलोन', पिता को किया था फोन लेकिन नहीं हुआ रिसीव

NEET Student Death Case: पटना में नीट छात्रा की मौत मामले में जांच अब भी जारी है. छात्रा की डायरी में एक लाइन लिखी हुई है, जिसने एसआईटी का ध्यान खींचा. डायरी में लिखा है- 'आई एम अलोन'. इसके साथ ही छात्रा ने अपने दोस्तों और परिजनों के बारे में भी जानकारी दी है.

NEET Student Death Case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत मामले में जांच चल रही है. छात्रा के कमरे से मिली डायरी में एक लाइन यह लिखी हुई है कि ‘आइ एम अलोन’ (मैं अकेली हूं). उसने डायरी में परिजनों, दोस्त, सहयोगी के संबंध में जो जानकारी दी है, उसके आधार पर एसआईटी ने जांच की पांच थ्योरी तैयार की और जांच की दिशा को उस ओर केंद्रित किया.

परिजनों और दोस्तों के बारे में भी लिखा

‘मैं अकेली हूं’, इस लाइन से एसआईटी यह मान रही है कि वह काफी समय से अपने आप को अकेला महसूस कर रही थी. दोस्तों के संबंध में उसने काफी सॉफ्ट कॉर्नर अपनाते हुए कुछ बातें लिखी हैं. लेकिन, जब परिजनों की बारी आती है, तो उसकी लिखी हुई बातें नाराजगी की ओर इशारा कर रही है.

भाई को लेकर जताई नाराजगी

डायरी में छात्रा ने अपने पारिवारिक रिश्तों के संबंध में जानकारी दी है. इस वजह से एसआईटी यह मान कर चल रही है कि वह अपने भाई से नाराज थी और आपस में पारिवारिक समस्या भी थी.

पिता को किया था कॉल लेकिन नहीं हुआ रिसीव

एसआईटी ने नीट छात्रा के फोन की सीडीआर को खंगाला. इसमें यह बात सामने आई है कि 25 दिसंबर की देर रात एक बजे से 26 दिसंबर की सुबह 4 बजे तक छात्रा ने पिता को तीन बार कॉल किया था. लेकिन, पिता ने कॉल रिसीव नहीं किया. पिता ने जब उसका कॉल रिसीव नहीं किया, तो उसने अपनी मां को वाट्सएप पर मैसेज भी भेजा था. इसके बाद 26 दिसंबर की दोपहर में पिता से उसकी बात हुई.

मां-भाई के मिले टूटे हुए फोन

एसआईटी ने जांच में यह भी पाया था कि जहानाबाद में घर पर छात्रा की मां और उसके भाई के मोबाइल फोन टूटे हुए मिले थे. अब यह सवाल एसआईटी की तरफ से उठाया गया है कि एक ही साथ दोनों के मोबाइल फोन टूटे हुए कैसे थे? उसमें कोई बात छिपाने की मंशा तो नहीं?

दवा को लेकर SIT ने उठाए सवाल

एसआईटी ने जांच में पाया कि परिवार ने बेटी की तबीयत खराब होने की जानकारी दी थी. साथ ही 27 दिसंबर को पटना से घर लाने की जानकारी दी थी. इस दौरान घर आने के क्रम में वह गाड़ी में आराम करती रही. अब इसमें यह सवाल उठा है कि छात्रा की तबीयत खराब होने के बाद उसे किस बीमारी की दवा और क्यों दी गई. उस दवा के देने के बाद से ही उसकी तबीयत और खराब हो गई. लेकिन परिजनों ने उसे दवा दिए जाने की बात से साफ इनकार किया है.

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Published by: Preeti Dayal

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