Lockdown in Bihar: तेजस्वी का मुख्यमंत्री पर बड़ा हमला, कहा- खाद्यान्न का कर रहे स्टॉक, वोट के लिए चुनाव से पहले करेंगे वितरण

बिहार में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच सियासी हमला और आरोप-प्रत्यारोप जारी है. कोरोना संक्रमितों की जांच का मामला हो या दूसरे प्रदेशों में फंसे बिहारियों को वापस लाने का मामला. अब बिहार में खाद्यान्न को लेकर सवाल उठने लगे हैं. बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाये हैं. तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए खाद्यान्न नहीं बांटने का आरोप लगाया है. साथ ही कहा है कि बिहार में चुनाव से पहले खाद्यान्न को लेकर दांव खेलेंगे.

पटना : बिहार में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच सियासी हमला और आरोप-प्रत्यारोप जारी है. कोरोना संक्रमितों की जांच का मामला हो या दूसरे प्रदेशों में फंसे बिहारियों को वापस लाने का मामला. अब बिहार में खाद्यान्न को लेकर सवाल उठने लगे हैं. बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाये हैं.

जानकारी के मुताबिक, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री पर बड़ा हमला बोला है. आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए खाद्यान्न नहीं बांटने का आरोप लगाया है. साथ ही कहा है कि बिहार में चुनाव से पहले खाद्यान्न को लेकर दांव खेलेंगे.

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा है कि ”पासवान जी के दावे के अनुसार बिहार के मुख्यमंत्री खाद्यान्न का वितरण नहीं कर रहे हैं और स्वेच्छा से इसका स्टॉक कर रहे हैं. क्योंकि, उनका दृढ़ विश्वास है कि लोग तत्काल राहत को याद नहीं करते हैं. इसलिए वह अपने आजमाए हुए और परखे हुए फॉर्मूले को लागू कर रहा है और चुनावों से पहले ही वोट बटोरने के लिए इसे वितरित कर देगा.”

इससे पहले लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी शुक्रवार को ट्वीट कर कहा है कि ”लॉकडाउन में केंद्र सरकार ने तमाम प्रदेशों से बचे हुए लगभग 39 लाख राशनकार्ड धारकों की सूची जल्द भेजने को कहा है. जिसमें बड़ी संख्या लगभग 14.5 लाख बिहार प्रदेश के लाभार्थियों की है. केंद्र सरकार के निरंतर प्रयासों के बावजूद बिहार सरकार ने अभी तक सूची नहीं भेजी है. जिसके कारण लगभग 14.5 लाख बिहारवासियों को राशन मुहैया कराने में परेशानी बनी हुई है. इनके नाम राशनकार्ड सूची में नहीं हैं. वह काफी दिक्कत में हैं. बिहार में लगभग 14.5 लाख लोगों को इससे जोड़ा जाना है. लेकिन, प्रदेश सरकार ने अभी तक लाभार्थियों की सूची केंद्र को नहीं दी है, जिससे उन्हें राशन का लाभ नहीं मिल रहा है. मुझे विश्वास है जल्द नीतीश कुमार जी इस पर कदम उठायेंगे.”

मालूम हो कि गुरुवार को केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने कहा था कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत बिहार में और 7.4 लाख लोगों के लिए मुफ्त में देने को खाद्यान्न आवंटित किया गया है. इसे पीएमजीकेएवाई योजना के तहत, केंद्र सरकार तीन महीने के लिए प्रति व्यक्ति प्रति माह पांच किलोग्राम खाद्यान्न मुफ्त प्रदान कर रही है. यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत प्रति व्यक्ति प्रति माह पांच किलोग्राम अत्यंत सस्ती दर पर आवंटन के अतिरिक्त है.

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By Kaushal Kishor

Kaushal Kishor is a contributor at Prabhat Khabar.

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