आरजेडी के पास विधान परिषद की सिर्फ एक सीट, किसे मिलेगा मौका, लालू जा रहे सिंगापुर

Lalu Yadav: लालू यादव के सिंगापुर दौरे से आरजेडी की अंदरूनी राजनीति फिर चर्चा में आ गई है. रोहिणी आचार्य के घर रुकने की खबरों के बीच उनके परिवार से रिश्तों और राजनीति में वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हैं. इन तमाम अटकलों पर रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है.

Lalu Yadav: लालू यादव अपनी आंखों के इलाज के लिए सिंगापुर जा रहे हैं और वहां वह अपनी बेटी रोहिणी आचार्य के घर पर ही रुकेंगे. रोहिणी ने ही अपनी किडनी दान करके लालू यादव की जान बचाई थी. हाल ही में जब गाजियाबाद में तेजस्वी यादव के बेटे का जन्मदिन मनाया गया. रोहिणी उसमें शामिल नहीं हुईं, जिससे उनकी नाराजगी साफ दिख रही है.

क्या राजनीति में दोबारा वापसी करेंगी रोहिणी आचार्य?

चर्चा है कि लालू यादव सिंगापुर में अपनी नाराज बेटी रोहिणी को मनाएंगे और उन्हें बिहार विधान परिषद का चुनाव लड़ने के लिए राजी करेंगे. नवंबर 2025 में रोहिणी ने मीडिया के सामने रोते हुए कहा था कि उनका अब कोई परिवार नहीं है और इसके लिए उन्होंने तेजस्वी यादव, संजय यादव और रमीज को जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने राजनीति छोड़ने का एलान भी किया था. अब उन्हें दोबारा राजनीति में लाने के लिए लालू यादव को ठोस पहल करनी होगी.

विधान परिषद की एक सीट और दावेदार दो: तेज प्रताप या रोहिणी?

आरजेडी के पास विधानसभा में विधायकों की महज 25 सीट होने के कारण वह केवल एक ही सीट जीत सकती है. अब पार्टी के पास टिकट सिर्फ एक है और दावेदार दो हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो एक तरफ जहां लालू यादव रोहिणी आचार्य को यह सीट देना चाहते हैं, वहीं दूसरी तरफ राबड़ी देवी अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को विधान परिषद में भेजने की पैरवी कर रही हैं.

तेज प्रताप यादव के साथ जुड़ी हैं बड़ी राजनीतिक अड़चनें

तेज प्रताप यादव इस समय आरजेडी के प्राथमिक सदस्य नहीं हैं. उन्होंने आरजेडी से अलग होकर जनशक्ति जनता दल नाम की नई पार्टी बना ली थी और 2025 के चुनाव में आरजेडी के खिलाफ चुनाव लड़कर पार्टी को नुकसान पहुंचाया था. इस वजह से तेजस्वी यादव उनसे बेहद नाराज चल रहे हैं. ऐसे में तेज प्रताप की आरजेडी में वापसी और उन्हें टिकट मिलना काफी मुश्किल है.

रोहिणी का x पर पोस्ट

क्या बोलीं रोहिणी

इन तमाम अटकलों पर रोहिणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “बुरी नियत वालों का मुँह फिर होगा काला… घुसपैठियों, साजिश रचने और विरोधियों के साथ मिलीभगत रखने वालों का गिरोह अपने चंद मीडिया मित्रों की मदद से मेरे आगामी विधान – परिषद् चुनाव में प्रत्याशी बनने की अफवाह फैला रहा है.”

उन्होंने आगे लिखा, “गंदी नियत वाले इन लोगों ने पहले भी मेरी छवि को नुकसान पहुंचाने के मकसद से ऐसी कोशिश की थी और तब इनके झूठ का पर्दाफाश भी हुआ था, इस बार भी होगा. ये वही लोग हैं, जिन लोगों ने कुछ महीने पहले मेरे नाबालिग बेटे और मेरी सासु मां के विधानसभा चुनाव लड़ने की बात की अफवाह जम कर फैलाई थी.”

रोहिणी ने आगे कहा, “मेरे बारे में झूठ फैलाने और गढ़ने वालों को मैं ये बता देना चाहती हूं कि इन लोगों के किसी भी प्रपंच, झूठ का मुझ पर और मेरी छवि पर कोई असर नहीं होने वाला है क्यूंकि मेरे बारे में दुनिया ये जानती है कि मैं किसी भी प्रकार के लालच और लोभ से परे हट कर सीधी बात करने और कहने वालों में से हूं और मेरा विरोध हमेशा गलत के खिलाफ रहा है और आगे भी रहेगा.”

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असमंजस के दोराहे पर खड़े हैं आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव

तेज प्रताप यादव और रोहिणी आचार्य दोनों ही समय-समय पर तेजस्वी यादव पर निशाना साधते रहे हैं. भले ही ये दोनों लालू यादव की संतान हैं, लेकिन इस समय आरजेडी के सारे फैसले लेने का अधिकार तेजस्वी यादव के हाथों में है. जब तक तेजस्वी यादव नहीं चाहेंगे, तब तक रोहिणी या तेज प्रताप के लिए सियासी रास्ता तैयार नहीं हो पाएगा. यही कारण है कि लालू यादव इस समय असमंजस में हैं.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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