Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में किशनगंज में तैनात DSP गौतम कुमार पर गंभीर आरोप लगे हैं. आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में सामने आया है कि उन्होंने अपनी 32 साल की नौकरी के दौरान करीब 80 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति बनाई. छापेमारी के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है और अब उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस दर्ज करने की तैयारी चल रही है.
8 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
EOU ने 31 मार्च को एक साथ उनके 8 ठिकानों पर छापेमारी की. इनमें पूर्णिया के 3, किशनगंज के 2 और पटना, अररिया व सिलीगुड़ी के एक-एक ठिकाने शामिल हैं. इस कार्रवाई के दौरान जांच टीम को बड़ी मात्रा में संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिले. करीब 36 जमीन के कागजात बरामद हुए हैं. इसके अलावा नोएडा और गुरुग्राम में इंवेस्टमेंट से जुड़े डॉक्युमेंट्स मिले हैं.
बंगला, गाड़ियां और करोड़ों की संपत्ति
जांच में यह भी सामने आया है कि पूर्णिया में उनका करीब 3600 स्क्वायर फीट में बना 4 मंजिला आलीशान बंगला है. इसकी कीमत लगभग 2.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इस मकान की सजावट और फर्निशिंग पर ही 1 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं. छापेमारी में 60 लाख रुपये के गहने, महंगी घड़ियां और क्रेटा व थार जैसी लग्जरी गाड़ियां भी बरामद हुई हैं.
पत्नी की लाइफस्टाइल भी चर्चा में
गौतम कुमार की पत्नी सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं, लेकिन उनकी लाइफस्टाइल भी चर्चा में है. बताया जा रहा है कि वे करीब 35 लाख रुपये की थार गाड़ी से चलती हैं. गाड़ी पर पुलिस का लोगो लगा हुआ है. उसी से स्कूल जाती हैं.
मनी लॉन्ड्रिंग केस और कार्रवाई
EOU ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में केस दर्ज कर लिया है. अब इस पूरे मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी करेगा. पुलिस मुख्यालय ने गौतम कुमार को उनके पद से हटाकर मुख्यालय में योगदान करने का निर्देश दिया है. उनकी जगह एसडीपीओ-2 मंगलेश कुमार सिंह को किशनगंज का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. माना जा रहा है कि जल्द ही उन्हें निलंबित भी किया जा सकता है.
गर्लफ्रेंड कनेक्शन की भी जांच
जांच के दौरान एक महिला मित्र का कनेक्शन भी सामने आया है. बताया जा रहा है कि कुछ जमीन उनके नाम पर खरीदी गई थी. महिला के घर से 7 प्लॉट के दस्तावेज और करीब 60 लाख रुपये के गहने मिले हैं. साथ ही बैंक खातों में पैसे के लेन-देन के सबूत भी मिले हैं.
विधायक और निवेश का लिंक
इतना ही नहीं, जांच में एक विधायक के साथ सिलीगुड़ी में चाय बागान खरीदने की बात भी सामने आई है. नोएडा और गुरुग्राम में फ्लैट निवेश की भी जांच हो रही है. इससे संकेत मिलते हैं कि मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता.
लंबी नौकरी, अब सवालों के घेरे में
गौतम कुमार 1994 बैच के अधिकारी हैं और उन्होंने सीमांचल के किशनगंज, पूर्णिया, अररिया और कटिहार जैसे जिलों में लंबे समय तक सेवा दी है. उनकी छवि एक सख्त पुलिस अधिकारी की रही है, लेकिन अब उन्हीं पर गंभीर आरोप लगने से पूरा सिस्टम सवालों के घेरे में है.
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