1930 पर दर्ज साइबर वित्तीय अपराधों को स्वतः ही एफआइआर में परिवर्तित करने की पहल शुरू

केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए नयी इ-जीरो एफआइआर पहल शुरुआत की है.

संवाददाता,पटना

केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए नयी इ-जीरो एफआइआर पहल शुरुआत की है.इसके तहत 1930 पर दर्ज साइबर वित्तीय अपराधों को स्वतः ही एफआइआर में परिवर्तित कर दिया जायेगा.प्रारंभिक चरण में यह व्यवस्था केवल 10 लाख रुपये से अधिक की राशि पर लागू होगी.इसे पायलट प्रोजेक्ट के रुप में दिल्ली में शुरू किया गया है.जल्द ही इससे राज्यों में भी लागू किया जायेगा. राज्य में साइबर अपराध की नोडल एजेंसी के रूप में कार्यरत आर्थिक अपराध इकाई(इओयू) के सूत्रों का कहना है कि, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के सहयोग से इसे राज्य में भी आने वाले दिनों में लागू किया जायेगा.

1930 पर 10 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय हानि से संबंधित शिकायतें ऑटोमेटिक रूप से इ-क्राइम पुलिस स्टेशन में जीरो एफआइआर रूप में दर्ज होंगी.इसे तुरंत संबंधित क्षेत्रीय साइबर अपराध पुलिस स्टेशनों को भेजा जायेगा.उसके बाद शिकायतकर्ता तीन दिनों के भीतर साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में जाकर जीरो एफआआर को नियमित एफआइआर में परिवर्तित कर सकते हैं.

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