Flood in Maner : पटना जिले के मनेर में गंगा, सोन और सरयू नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से मनेर के उत्तरी दियारा और निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है. रविवार को हल्दी छपरा, बदल टोला और नयका टोला के कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया. घरों में पानी आने के बाद लोग ऊंचे स्थानों पर शरण लेकर रहने और खाना बनाने को मजबूर हैं. कई झोपड़ीनुमा घर भी बाढ़ के पानी में डूब गए हैं.
सड़क डूबी तो नाव बनी आवागमन का सहारा
इस्लामगंज गांव की मुख्य सड़क पूरी तरह बाढ़ के पानी में डूब गई है. सड़क डूबने के कारण ग्रामीण नाव के सहारे मनेर शहर और बाजार पहुंच रहे हैं. रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है. जरूरी काम से निकलना मुश्किल हो गया है. किसी महिला, पुरुष या बच्चे की तबीयत खराब होने पर ग्रामीणों को नाव या खटिया के सहारे पानी पार कर इलाज के लिए जाना पड़ सकता है.
बाढ़ बढ़ी तो बिजली संकट की भी आशंका
हल्दी छपरा नयका टोला निवासी जयराम सिंह ने बताया कि गांव के कुछ घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है. पानी आने के कारण लोग ऊंचे स्थान पर रहने और खाना बनाने को मजबूर हैं. उन्होंने कहा कि नदियों के जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो कई अन्य घरों में भी पानी प्रवेश कर सकता है.
वहीं, इस्लामगंज निवासी उर्मिला देवी ने बताया कि गांव में आने-जाने वाली सड़क पूरी तरह डूब चुकी है. नाव ही ग्रामीणों के लिए एकमात्र सहारा बनी हुई है. उन्होंने कहा कि रात में किसी की तबीयत बिगड़ने पर नाव नहीं मिलने की स्थिति में जान जोखिम में डालकर खटिया के सहारे पानी पार करना पड़ेगा. लगातार जलस्तर बढ़ने से बिजली संकट की भी आशंका बनी हुई है.
मवेशियों के चारे का संकट बढ़ा
बाढ़ के पानी के लगातार फैलने से दियारा क्षेत्र में मवेशियों के लिए चारे की समस्या भी बढ़ती जा रही है. ग्रामीणों को अपने पशुओं के लिए चारा जुटाने में परेशानी हो रही है. जलस्तर में और वृद्धि होने पर लोगों के साथ-साथ मवेशियों की परेशानी भी बढ़ने की आशंका है.
हल्दी छपरा-इस्लामगंज सड़क डूबी
पंचायत के मुखिया अशोक सिंह ने बताया कि नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण हल्दी छपरा के कई घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. इससे ग्रामीणों के सामने कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं. वहीं मुखिया लाल किशोर सिंह ने बताया कि बाढ़ के कारण इस्लामगंज और हल्दी छपरा को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह डूब गई है. ग्रामीण नाव के सहारे जरूरी काम निपटा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यदि जलस्तर में वृद्धि जारी रही तो दियारा क्षेत्र में लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.
