जलापूर्ति में लापरवाही पर कनीय अभियंताओं से मांगा स्पष्टीकरण

पीएचइडी के प्रधान सचिव पंकज कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा हुई जिसमें जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति, शिकायतों के निष्पादन, हाउस कनेक्शन की स्थिति, और जीरो ऑफिस डे अभियान पर जिलों से रिपोर्ट दी गयी.

संवाददाता, पटना पीएचइडी के प्रधान सचिव पंकज कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा हुई जिसमें जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति, शिकायतों के निष्पादन, हाउस कनेक्शन की स्थिति, और जीरो ऑफिस डे अभियान पर जिलों से रिपोर्ट दी गयी. उन्होंने कहा कि जीरो ऑफिस डे अभियान के तहत सभी पदाधिकारी योजना का भौतिक निरीक्षण सुनिश्चित करें. वहीं, निरीक्षण के दौरान लापरवाही पाए जाने पर पटना, सासाराम और पूर्णिया प्रमंडलों में कार्यरत तीन कनीय अभियंताओं पर स्पष्टीकरण जारी करने का निर्देश भी दिया गया. प्रधान सचिव ने स्पष्ट किया गया कि मार्च 2025 तक के सभी निष्पादित मामलों का भौतिक सत्यापन कराया जाये. जिन संवेदकों की कार्यशैली में निरंतर लापरवाही देखी जा रही है. उन्हें चिह्नित कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया आरंभ की जाये. साथ ही, 30 दिनों से अधिक लंबित एक या अधिक शिकायतों वाले प्रमंडलों अरवल, जमुई, कटिहार, पटना वेस्ट, दरभंगा, सुपौल ,बिहारशरीफ को स्पष्टीकरण देने का निर्णय लिया गया.

अधिकारियों को लंबित टोलों और परिवारों की सूची तैयार करने का निर्देश

समीक्षा के बाद प्रधान सचिव ने कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया है कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित टोलों और परिवारों की सूची तैयार कर तुरंत संवेदक को उपलब्ध कराएं, ताकि संचालन एवं रखरखाव अवधि से पहले सभी घरों में पानी का कनेक्शन सुनिश्चित किया जा सके. वहीं, ऐसे संवेदकों को चिह्नित कर रिपोर्ट दें, जिनके कार्यों में लगातार शिथिलता पायी जा रही है. पंकज कुमार ने कहा है कि पेयजल अवसंरचना सशक्तिकरण अभियान सर्वेक्षण के आधार पर जिन योजनाओं को बंद की श्रेणी में चिह्नित किया गया है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चालू कराने का निर्देश दिया गया. जिसमें मोतीहारी, लखीसराय, सुपौल, सहरसा, मुजफ्फरपुर और अन्य प्रमंडलों में आवश्यकतानुसार हाइड्रोजियोलॉजिस्ट की सहायता लेकर समाधान सुनिश्चित करें. बैठक में डॉ. अंबेडकर समग्र सेवा अभियान एवं महिला संवाद अभियान के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की गयी. वहीं, बाढ़ संभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन से समन्वय कर चापाकलों की आपूर्ति एवं स्थापना की तैयारी पहले से सुनिश्चित करने का निर्देश सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को दिया गया.

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