Bihata Roads Waterlogging: बिहटा प्रखंड क्षेत्र की मुख्य सड़कों के साथ-साथ दर्जनों सहायक सड़कें भी इन दिनों बदहाली का शिकार हैं. कई सड़कों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे, जलजमाव और कीचड़ के कारण लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है. बारिश के बाद स्थिति और गंभीर हो जाती है. इन सड़कों से गुजरने वाले बाइक सवारों और चारपहिया वाहन चालकों के साथ स्कूल वाहनों, एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
लई-इंटवां दोघरा सड़क पर गड्ढे और जलजमाव
लई से इंटवां दोघरा जाने वाली सड़क की स्थिति काफी जर्जर हो गयी है. सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गये हैं, जिनमें बारिश का पानी जमा रहने से राहगीरों को परेशानी होती है. ग्रामीणों का कहना है कि बालू लदे भारी वाहनों के लगातार परिचालन से सड़क की स्थिति और खराब हो गयी है. गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है.
लई-सिकरिया मार्ग भी जर्जर
लई-सिकरिया मार्ग पर भी कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गये हैं. बारिश के दौरान इनमें पानी भर जाने से सड़क की स्थिति और खतरनाक हो जाती है. लोगों को पानी और गड्ढों के बीच से होकर गुजरना पड़ता है.
परेव बाजार रोड पर भी परेशानी
परेव बाजार जाने वाली सड़क पर भी कई जगह गड्ढे बने हैं. इससे वाहनों के परिचालन में परेशानी हो रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की नियमित मरम्मत नहीं होने के कारण समस्या लगातार बढ़ रही है.
सहवाजपुर-विष्णुपुरा मार्ग पर भी गड्ढे
बिहटा-पटसा रोड से सहवाजपुर होते हुए विष्णुपुरा जाने वाली सड़क पर भी कई स्थानों पर बड़े गड्ढे बन गये हैं. मुख्य मार्ग पर जाम लगने की स्थिति में बड़ी संख्या में वाहन इस वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में सड़क की बदहाली से लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है.
जीजे कॉलेज रोड समेत कई सड़कों का हाल खराब
बिहटा जीजे कॉलेज रोड सहित दौलतपुर-दयालपुर पंचायत क्षेत्र की कई सड़कों पर भी जलजमाव और गड्ढों के कारण आवागमन प्रभावित है. बारिश के दिनों में इन सड़कों की स्थिति और खराब हो जाती है.
ग्रामीणों ने मरम्मत और जलनिकासी की मांग की
ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर सड़कों की मरम्मत और जलजमाव की समस्या दूर करने की मांग लंबे समय से की जा रही है. इसके बावजूद अब तक ठोस पहल नहीं हुई है. लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़कों का स्थल निरीक्षण कर शीघ्र मरम्मत कराने तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है.
