शशिभूषण कुंवर, पटना
राज्य सरकार में बिना मंत्री बने ही राज्यमंत्री और उपमंत्री का दर्जा के वेतन-भत्ता की सुविधा तत्काल प्रभाव से विभिन्न दलों के विधायकों को प्राप्त होने लगेगी . सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. जिन लोगों को सरकार द्वारा राज्यमंत्री और उपमंत्री का दर्जा दिया गया है उनमें विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव, विधानसभा में उपमुख्य सचेतक जनक सिंह, विरोधी दल (राजद) के मुख्य सचेतक अख्तरूल इस्लाम शाहीन और विधान परिषद में सत्तापक्ष के उपमुख्य सचेतक संजय प्रकाश को राज्यमंत्री के वेतन-भत्ता पाने का दर्जा प्राप्त है. इनके अलावा राज्य स्तरीय 20 सूत्री कमेटी के उपाध्यक्ष उमेश कुशवाहा और ललन कुमार मंडल को भी राज्य मंत्री के अनुरूप वेतन-भत्ता का दर्जा प्राप्त है. सरकार द्वारा जिन विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों को उपमंत्री का दर्जा व वेतन-भत्ते की सुविधाएं दी गयी हैं, उनमें विधान परिषद में सचेतक नीरज कुमार, रीना देवी, विधानसभा में सचेतक आलोक रंजन, कृष्ण कुमार ऋषि, हरिभूषण ठाकुर बचौल, वीरेंद्र सिंह, राजकुमार सिंह, सुधांशु शेखर और नरेंद्र कुमार नीरज शामिल हैं. साथ ही राज्य स्तरीय 20 सूत्री कमेटी के सदस्यों में शामिल चेतन आनंद, प्रह्लाद यादव, नीलम देवी, संगीता कुमारी, भरत बिंद, मुरारी प्रसाद गौतम, सिद्धार्थ सौरव, जगन्नाथ ठाकुर, राजेश वर्मा, भारती मेहता व चंदन सिंह शामिल हैं.
राज्यमंत्री व उपमंत्री के वेतन में वृद्धि
मदवर्तमानवृद्धि के बाद
वेतन50,000 रुपये65,000 रुपये
क्षेत्रीय भत्ता 55,000 रुपये70,000 रुपये
दैनिक भत्ता 3000 रुपये 3500 रुपये
आतिथ्य भत्ता (राज्यमंत्री) 24,000 रुपये 29,500 रुपये
आतिथ्य भत्ता (उपमंत्री) 23500 रुपये 29000 रुपये
यात्रा भत्ता 15 रुपये/किमी 25 रुपये/ किमी
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