निशांत को सीधे CM बनाएं! उपमुख्यमंत्री क्या होता है? आनंद मोहन बोले- फुल फ्लेज लाएं

Deputy CM meaning controversy : बिहार की राजनीति में बड़ा मोड़, आनंद मोहन ने पहली बार खुलकर निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठा दी है. डिप्टी CM पर भी दिया विवादित बयान दिया है, उनका कहना है कि ‘उपमुख्यमंत्री मतलब चुप मुख्यमंत्री’ होता है.

Deputy CM meaning controversy: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार में अब महज 10 दिनों के मेहमान हैं. उन्हें राज्यसभा जाना है. दिल्ली जाने से पहले वे बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी बीजेपी को सौंपने वाले हैं. मुख्यमंत्री की कुर्सी पर अगले कैंडिडेट के रूप में बीजेपी की ओर से फिलहाल सम्राट चौधरी आगे चल रहे हैं. लेकिन इस बीच अब तक का सबसे धमाकेदार बयान आया है. जो बिहार की राजनीति को में बड़े बवंडर खड़े कर सकता है!

खुलकर रखी बात, निशांत बने मुख्‍यमंत्री

आनंद मोहन ने अपनी ओर से निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग रख दी है. पूर्व सांसद आनंद मोहन ने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने की खुलकर वकालत करते हुए निशांत को लाना है तो फुल फ्लेज में लाएं. आनंद मोहन ने कहा, निशांत कुमार के आने से उम्‍मीद जगी है. इससे आक्रोश को कुछ हद तक कम हुआ.

उपमुख्यमंत्री क्या होता है : आनंद मोहन

आनंद मोहन ने अपने ठसक वाले अंदाज में निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठाई. उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री क्या होता है? उपमुख्‍यमंत्री मतलबल चुप मुख्‍यमंत्री होता है. यह बात उन्होंने पत्रकारों की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में कही. पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों ने उनसे जानना चाहा कि निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाने को लेकर उनकी क्या राय है. निशांत कुमार को लाना है तो उन्हें फुल फ्लेज लाया जाए. ‘उपमुख्यमंत्री’ मतलब ‘चुप मुख्यमंत्री’.

निशांत को आगे कर एग्रेसिव राजनीति चाहते हैं आनंद मोहन?

इस बयान को लेकर यह माना जा रहा है कि आनंद मोहन निशांत कुमार को बिहार की एग्रेसिव पॉलिटिक्स में देखना चाहते हैं. उन्होंने इस बात का इशारा भी कर दिया है. उन्होंने कहा कि निशांत युवा हैं और उनके आने से जेडीयू को मजबूती मिली है. आनंद मोहन ने निशांत को शॉक एब्जॉर्बर भी बताया है.

ठंडे मन से विचार करें, निशांत को मिलेगा चेतन का साथ

आनंद मोहन ने जेडीयू को भी नसीहत दी है. हांलाकि उन्‍होंने यह भी कह दिया कि मैं कोई सजेशन नहीं देता हूं. मगर जेडीयू को इस बारे में ठंडे मन से विचार करना चाहिए, ताकि निशांत को फुल फ्लेज लाया जा सके. बातों ही बातों में उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटे चेतन आनंद उनके साथ हैं. निशांत और चेतन दोनों युवा हैं और अगर एक-दूसरे को मैच करते हैं. उन्होंने कहा कि ‘निशांत को महसूस होगा कि उसे चेतन का साथ मिले और चेतन निशांत का साथ दे रहा है, तो यह अच्छी बात है.’ उन्होंने कहा कि हमारे पारिवारिक रिश्ते हैं.

मंत्रिमंडल में जगह पर बोले, हम लोग इसकी चिंता नहीं करते

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि निशांत ही बिहार के मुख्यमंत्री बनें. लेकिन अपने बेटे को मंत्रिमंडल विस्तार में जगह को लेकर पूछे गए सवाल को उन्होंने सिरे से नकार दिया. उन्होंने कहा कि हम लोग इसकी चिंता नहीं करते कि मंत्रिमंडल में क्या हो रहा है.



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लेखक के बारे में

By Keshav Suman Singh

बिहार-झारखंड और दिल्ली के जाने-पहचाने पत्रकारों में से एक हैं। तीनों विधाओं (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब) में शानदार काम का करीब डेढ़ दशक से ज्‍यादा का अनुभव है। वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में बतौर डिजिटल हेड बिहार की भूमिका निभा रहे हैं। इससे पहले केशव नवभारतटाइम्‍स.कॉम बतौर असिसटेंट न्‍यूज एडिटर (बिहार/झारखंड), रिपब्लिक टीवी में बिहार-झारखंड बतौर हिंदी ब्यूरो पटना रहे। केशव पॉलिटिकल के अलावा बाढ़, दंगे, लाठीचार्ज और कठिन परिस्थितियों में शानदार टीवी प्रेजेंस के लिए जाने जाते हैं। जनसत्ता और दैनिक जागरण दिल्ली में कई पेज के इंचार्ज की भूमिका निभाई। झारखंड में आदिवासी और पर्यावरण रिपोर्टिंग से पहचान बनाई। केशव ने करियर की शुरुआत NDTV पटना से की थी।

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