संवाददाता, पटना राज्य के सहकारी बैंकों में 394 करोड़ डिपॉजिट राशि बढ़ गयी है. 23 राज्य सहकारी बैंकों में 18 अरब 41 करोड़ 92 लाख रुपये से अधिक जमा हैं,जबकि बैंकों की ओर से दिये गये ऋण का बकाया भी घटा है. मगर एनपीए राशि बढ़ गयी है. नेट प्रोफिट में भी कमी आयी है. वित्तीय वर्ष 2022-23 में 12 अरब 47 करोड़ 44 लाख रुपये बैंकों में जमा थे. बीते तीन वर्ष की तुलना में बैंकों में 64 अरब 295 रुपये से अधिक डिपॉजिट राशि बढ़ी है. वर्ष 2020-21 में 11 अरब 98 करोड़ 97 लाख रुपये सहकारी बैंकों में जमा थे. दो से बढ़कर 3.14 हुई एनपीए राशि: राज्य में सहकारी बैंकों की एनपीए राशि भी बढ़ गयी है. एनपीए राशि बीते वर्ष की तुलना में लगभग एक फीसदी बढ़ गयी है. वर्तमान में एनपीए राशि 3.14 फीसदी है. जबकि वर्ष 2023-24 में ये राशि 2.16 फीसदी ही थी. कुल 14027 लाख रुपये डूबती खाता में डाल दिया गया है. बकाया ऋण की राशि में कमी आयी है. रिकवरी बढ़ने के कारण बकाया लोन में कमी आयी है. 44 अरब 60 करोड़ 97 लाख रुपये ऋण बकाया है, जबकि वित्तीय वर्ष 2022-23 में बकाया ऋण 592977.11 लाख रुपये है. सहकारी बैंकों के नेट प्रोफिट में कमी आयी है. बैंकों का नेट प्रोफिट 6763. 67 लाख रुपये हुआ है, जबकि इसके पूर्व बैंकों का शुद्ध मुनाफा 7615.85 लाख रुपये था.
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