LPG e-KYC Deadline Extended: एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है. एलपीजी e-KYC कराने की अंतिम तारीख 16 अगस्त से बढ़ाकर अब 23 अगस्त 2026 कर दी गयी है. ऐसे में जिन उपभोक्ताओं ने अब तक e-KYC नहीं करायी है, उन्हें फिलहाल अतिरिक्त समय मिल गया है. हालांकि, उपभोक्ताओं को अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द e-KYC पूरी कराने की सलाह दी गयी है.
अब 23 अगस्त तक करा सकते हैं e-KYC
पिछले कई दिनों से एलपीजी कंपनियों की ओर से ग्राहकों को e-KYC कराने के लिए कहा जा रहा था. इसके लिए पहले 16 अगस्त 2026 की समयसीमा निर्धारित थी. स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी और वीकेंड के कारण बड़ी संख्या में उपभोक्ता समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं करा सके. इसके बाद समयसीमा बढ़ाकर 23 अगस्त कर दी गयी है.
e-KYC नहीं कराने पर क्या होगा?
e-KYC को लेकर उपभोक्ताओं के बीच यह सवाल है कि समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं कराने पर क्या गैस कनेक्शन बंद हो जायेगा. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, e-KYC नहीं कराने पर घरेलू दर पर मिलने वाले सिलेंडर की सुविधा प्रभावित हो सकती है और उपभोक्ताओं को अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना पड़ सकता है. इसलिए उपभोक्ताओं के लिए बेहतर है कि वे समयसीमा के भीतर अपना आधार सत्यापन पूरा करा लें, ताकि आगे गैस बुकिंग या सिलेंडर प्राप्त करने में परेशानी नहीं हो.
घर बैठे भी करा सकते हैं e-KYC
एलपीजी कंपनियों की ओर से e-KYC की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध करायी गयी है. इसके लिए उपभोक्ताओं को संबंधित कंपनी के मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करना होगा.
- इंडेन ग्राहक: इंडेन ऑयल वन ऐप के जरिए आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन से e-KYC कर सकते हैं.
- भारतगैस ग्राहक: Hello BPCL ऐप के माध्यम से e-KYC की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं.
- एचपी गैस ग्राहक: HP Pay ऐप के जरिए e-KYC करा सकते हैं.
गैस एजेंसी जाकर भी करा सकते हैं e-KYC
उपभोक्ता ऑफलाइन माध्यम से भी e-KYC करा सकते हैं. इसके लिए उन्हें अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर जाना होगा. आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर जाने की सलाह दी गयी है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो की जरूरत पड़ सकती है.
तकनीकी समस्या भी बनी परेशानी
e-KYC की प्रक्रिया में डिजिटल सिस्टम पर निर्भरता के कारण कई जगह तकनीकी समस्याएं भी सामने आने की बात कही जा रही है. गैस एजेंसी पर कर्मचारी और उपभोक्ता मौजूद होने के बावजूद यदि ऐप या केंद्रीय सर्वर धीमा है या काम नहीं कर रहा है, तो ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाती.
16 अगस्त की समयसीमा से पहले बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के गैस एजेंसियों पर पहुंचने से भीड़ बढ़ गयी थी. अब समयसीमा 23 अगस्त तक बढ़ने से उपभोक्ताओं को अतिरिक्त समय तो मिला है, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी की स्थिति बनी रह सकती है.
