बिहार में अपराधियों की अब खैर नहीं, सीएम नीतीश ने कानून व्यवस्था को लेकर की दूसरी बैठक, अफसरों को दिए कड़े निर्देश

राज्य (Bihar) में क्राइम कंट्रोल को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार(Nitish Kumar) काफी गंभीर हैं. वे लगातार अफसरों को कड़े निर्देश दे रहे हैं. इस बार सीएम किसी स्तर पर कोई ढिलाई देने के मूड में नहीं दिख रहे हैं. शनिवार को लगभग 72 घंटे के बाद दूसरी बार उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर समीक्षा की. सीएम ने सभी संबंधित अफसरों को सीधे निर्देश देते हुए कहा कि क्राइम कंट्रोल करने में अफसर किसी प्रकार की कोई कोताही नहीं बरतें. पूरी मजबूती के साथ काम करें. रात की गश्ती के साथ-साथ नियमित गश्ती भी अनिवार्य रूप से किया जाये. शराबबंदी का सख्ती से पालन हो. धंधेबाजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.

राज्य (Bihar) में क्राइम कंट्रोल को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार(Nitish Kumar) काफी गंभीर हैं. वे लगातार अफसरों को कड़े निर्देश दे रहे हैं. इस बार सीएम किसी स्तर पर कोई ढिलाई देने के मूड में नहीं दिख रहे हैं. शनिवार को लगभग 72 घंटे के बाद दूसरी बार उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर समीक्षा की. सीएम ने सभी संबंधित अफसरों को सीधे निर्देश देते हुए कहा कि क्राइम कंट्रोल करने में अफसर किसी प्रकार की कोई कोताही नहीं बरतें. पूरी मजबूती के साथ काम करें. रात की गश्ती के साथ-साथ नियमित गश्ती भी अनिवार्य रूप से किया जाये. शराबबंदी का सख्ती से पालन हो. धंधेबाजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.

विधि व्यवस्था बनाये रखना राज्य सरकार की पहली जिम्मेदारी

सीएम ने कहा कि विधि व्यवस्था बनाये रखना राज्य सरकार की पहली जिम्मेदारी है. अपराध नियंत्रण से ही लोगों को राज्य में हुए विकास कार्यों का वास्तविक फायदा मिल पायेगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को मुख्य सचिव दीपक कुमार, डीजीपी एसके सिंघल, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अमीर सुबाहनी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ एक अणे मार्ग स्थित मुख्य कार्यालय में बैठक की. इस दौरान सीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सभी प्रमंडलीय आयुक्त, रेंज के पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक, जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षकों के साथ बात की.

60 फीसदी झगड़ों का कारण भूमि विवाद, इसे निबटाएं अफसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2006 में जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम की शुरुआत की गयी थी. उस दौरान आने वाले ज्यादातर मामले भूमि विवाद से जुड़े थे. 60 प्रतिशत से ज्यादा झगड़ों का कारण भूमि विवाद ही है. ऐसे में जमीन से संबंधित आपसी विवाद को खत्म करने के लिए महीने में एक बार जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक, 15 दिनों में एक बार एसडीओ और एसडीपीओ तथा सप्ताह में एक दिन अंचल अधिकारी और थानाध्यक्ष निश्चित रूप से बैठक करें. शनिवार के दिन चौकीदार परेड में चौकीदार गांव से जुड़ी समस्याओं की जानकारी थाने में दें और अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष उसके समाधान के लिए तेजी से काम करें. सभी थाना क्षेत्रों में रात की गश्ती के साथ-साथ नियमित गश्ती भी सुनिश्चित करें.

2005 के बाद हुई है कानून व्यवस्था की बेहतर स्थिति

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 15 वर्षों से सभी क्षेत्रों में विकास के कार्य किये गये हैं. वर्ष 2005 के पूर्व खराब सड़कों के कारण गाड़ियों को रोककर लूट और अन्य अपराध की घटनाएं बहुत होती थीं. वर्ष 2005 के बाद राज्य में बेहतर सड़कों के निर्माण से आवागमन सुलभ हुआ है और कानून व्यवस्था की स्थिति भी बेहतर हुई है. मुख्यमंत्री ने कड़ाई से निर्देश देते हुए कहा कि अपराध नियंत्रण को लेकर किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतें. कानून का सख्ती से पालन हो और कोई भी गड़बड़ करने वाला बचे नहीं.

Posted By: Thakur Shaktilochan

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Published by: Prabhat khabar news desk

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