बुजुर्ग के ब्रेन में मिला आधे किलो वजन का ब्लैक फंगस, बिना आंख डैमेज किये पटना में सफल हुई तीन घंटे चली सर्जरी

आइजीआइएमएस के न्यूरो सर्जरी विभाग में जमुई के 60 वर्षीय बुजुर्ग अनिल कुमार की सर्जरी की गयी. सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने अनिल के सिर से क्रिकेट बॉल से भी बड़े आकार का ब्लैक फंगस निकाला. यह ट्यूमर की तरह था और उससे पूरे ब्रेन पर दबाव बना हुआ था. कई तरह की बीमारियां हो गयी थीं. ब्लैक फंगस का वजन करीब 500 ग्राम से अधिक था. सर्जरी के बाद बुजुर्ग पूरी तरह से ठीक है.

आइजीआइएमएस के न्यूरो सर्जरी विभाग में जमुई के 60 वर्षीय बुजुर्ग अनिल कुमार की सर्जरी की गयी. सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने अनिल के सिर से क्रिकेट बॉल से भी बड़े आकार का ब्लैक फंगस निकाला. यह ट्यूमर की तरह था और उससे पूरे ब्रेन पर दबाव बना हुआ था. कई तरह की बीमारियां हो गयी थीं. ब्लैक फंगस का वजन करीब 500 ग्राम से अधिक था. सर्जरी के बाद बुजुर्ग पूरी तरह से ठीक है.

डॉक्टरों के मुताबिक अनिल को 15 दिन पहले से ही ब्लैक फंगस था. मिरगी आने के बाद वह बार-बार गिर जाता था. सप्ताह में पांच से छह बार उसे मिरगी आता था. शुरुआत समय में परिजन घर पर ही इलाज किये. हालत खराब होने के बाद उसे आइजीआइएमएस लेकर पहुंचे. यहां तक कि डॉक्टर ने जब चेक किया तो उनके पास भी मिरगी आ गयी.

डॉक्टरों ने सिटी स्कैन व एमआरआइ जांच करायी, जिसमें आधा किलो से अधिक वजन का ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई. इसके बाद न्यूरो सर्जन, म्यूकरोमाइसिस की टीम का गठन कर संयुक्त रूप से ऑपरेशन किया गया. वहीं, डॉक्टरों की मानें तो आइजीआइएमएस में इस तरह का पहला केस आया है. दावा किया जा रहा है कि इस तरह का केस पटना सहित पूरे बिहार व पड़ोसी राज्यों में अभी तक नहीं देखने को मिला.

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संस्थान के निदेशक डॉ एनआर विश्वास ने बताया कि संबंधित मरीज का ऑपरेशन न्यूरो सर्जन डॉ ब्रजेश कुमार और उनकी टीम ने किया है. मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ मनीष मंडल ने कहा कि फंगस का वायरस पूरी तरह से ब्रेन में फैल गया था. अगर समय पर ऑपरेशन नहीं किया जाता तो वायरस आंख तक पहुंच जाता, जिससे आंखें भी डैमेज हो जाती

. बिना आंखों को नुकसान पहुंचाये फंगस को बाहर निकाला गया. करीब तीन यूनिट ब्लड चढ़ाया गया और 100 एमएल से अधिक पस निकाला गया. सर्जरी के बाद मरीज को काफी राहत महसूस हो रही है.

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

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