बिहार में बड़ा प्रशासनिक फैसला, खत्म हुआ निगरानी विभाग, DSP और SI अब सीधे बिहार पुलिस में शामिल

Bihar: बिहार सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा बदलाव करते हुए निगरानी अन्वेषण संवर्ग को खत्म करने का फैसला लिया है. अब इस विभाग के DSP, इंस्पेक्टर और SI को बिहार पुलिस में समायोजित किया जाएगा.

Bihar: बिहार सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा बदलाव करते हुए बिहार निगरानी अन्वेषण विभाग को समाप्त करने का फैसला लिया है. सरकार के इस निर्णय के बाद अब इस विभाग में काम कर रहे पुलिस उपाधीक्षक (DSP), पुलिस निरीक्षक और पुलिस अवर निरीक्षक (SI) को गृह विभाग के तहत बिहार पुलिस के संबंधित विभाग में शामिल किया जाएगा. बिहार सरकार का कहना है कि यह फैसला बिहार पुलिस अधिनियम 2007 के प्रावधानों के अनुसार लिया गया है, ताकि पुलिस व्यवस्था को ज्यादा व्यवस्थित, एकरूप और प्रभावी बनाया जा सके.

किस तरह होगा अधिकारियों का समायोजन

सरकार के आदेश के मुताबिक निगरानी अन्वेषण संवर्ग में तैनात DSP रैंक के अधिकारियों को बिहार पुलिस सेवा में उनके पहले योगदान की तारीख से जोड़ा जाएगा. यानी उनकी मूल सेवा अवधि को पूरी तरह मान्यता मिलेगी. वहीं पुलिस निरीक्षक और पुलिस अवर निरीक्षक स्तर के अधिकारियों, खासकर 2014 और 2023 बैच के कर्मियों को बिहार पुलिस के समान पदों में शामिल किया जाएगा. इससे उनकी नौकरी, अनुभव और सेवा की निरंतरता पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

सेवा पर असर नहीं, लेकिन वरीयता में होगा बदलाव

सरकार ने साफ किया है कि इन अधिकारियों की सेवा लगातार मानी जाएगी और उनके अनुभव या नौकरी की अवधि में कोई कटौती नहीं होगी. हालांकि सीनियरिटी यानी वरीयता सूची में इन्हें संबंधित बैच के बिहार पुलिस अधिकारियों के बाद जगह दी जाएगी. उदाहरण के तौर पर, जिस बैच में बिहार पुलिस के अधिकारी पहले से शामिल हैं, उसके बाद निगरानी संवर्ग के अधिकारियों को जोड़ा जाएगा.

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला

सरकार का मानना है कि अलग निगरानी संवर्ग होने से प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कई बार जटिलता बढ़ती थी. अब एकीकृत व्यवस्था लागू होने से पुलिस और निगरानी तंत्र के बीच बेहतर तालमेल बनेगा. इससे प्रशासनिक कामकाज तेज होगा, फैसले लेने में आसानी होगी और विभागीय संरचना ज्यादा मजबूत बनेगी.

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गृह विभाग ने बताया संरचनात्मक सुधार

गृह विभाग ने इस फैसले को पुलिस प्रशासन में सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताया है. सरकार के अनुसार अलग संवर्ग खत्म होने से व्यवस्था सरल होगी, अधिकारियों की तैनाती और जिम्मेदारी तय करने में आसानी होगी और पूरे पुलिस सिस्टम में बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा. माना जा रहा है कि आने वाले समय में इससे बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली और अधिक मजबूत हो सकती है.

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By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है।. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के पटना जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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