Bihar Success Story: बिहार में जेल में बंद कैदी पास कर रहे मैट्रिक और साक्षरता परीक्षा, लोगों के बीच पेश की मिसाल

Bihar Success Story: बिहार के जेलों में बंद कैदी लोगों के बीच मिसाल पेश कर रहे हैं. कहीं कैदी मैट्रिक की परीक्षा तो कहीं साक्षरता परीक्षा पास कर रहे हैं. सासाराम में जेल में बंद तीन बंदियों ने मैट्रिक की परीक्षा पास की. तो वहीं बेऊर जेल में बंद 964 कैदी साक्षरता परीक्षा पास किए.

Bihar Success Story: समाज अक्सर अपराधियों को उनके अतीत की पहचान से बांधकर देखता है. जेल की ऊंची-ऊंची दीवारें मानो इस सोच को स्थायी रूप से गढ़ देती हैं कि अपराधी केवल सजा के हकदार हैं, अवसर के नहीं. लेकिन सासाराम जेल से जुड़ी यह खबर इस दृष्टिकोण को चुनौती देती है. यहां तीन बंदियों ने दसवीं की परीक्षा पास कर यह साबित कर दिया है कि इंसान का भविष्य उसकी गलतियों से नहीं, बल्कि उसके संकल्प से तय होता है.

जेल प्रशासन की जमकर हो रही तारीफ

सासाराम से जुड़े इस मामले के सामने आने के बाद जेल प्रशासन की भी जमकर सराहना हो रही है. दरअसल, जिस तरह से कैदियों के लिए सुविधा उपलब्ध कराई गई और उन्हें परीक्षा देने का अवसर दिया गया. तीनों बंदियों ने भी जिज्ञासा दिखाते हुए परीक्षा पास की, इसके लिए जमकर जेल प्रशासन की तारीफ की गई है.

बेऊर जेल में 964 बंदी साक्षरता परीक्षा पास

बिहार में सासाराम के अलावा बेऊर जेल में भी 964 बंदी साक्षरता परीक्षा पास हुए. दरअसल, आदर्श केन्द्रीय कारा बेऊर जेल में रविवार को साक्षरता महाअभियान के तहत बंदियों के बीच साक्षरता परीक्षा का आयोजन किया गया. परीक्षा में कुल 965 बंदी शामिल हुए, जिनमें 925 पुरुष और 40 महिलाएं शामिल हुई. इस परीक्षा में सभी बंदी पास हो गये.

साक्षरता महाअभियान की शुरूआत

दरअसल, बंदियों को साक्षर करने के लिए साक्षरता महाअभियान शुरू किया गया है. इसके तहत निरक्षर बंदियों के लिए एक अलग वार्ड बनाया गया है. इस अभियान के तहत बेऊर जेल को पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है. इस तरह की पहल बेहद खास मानी जा रही है.

हर इंसान में बदलाव की क्षमता

बिहार में इस तरह से जेलों में कैदियों को दिए जा रहे अवसर से हर इंसान के भीतर बदलाव की क्षमता है. प्रश्न यह नहीं कि वे अतीत में क्या थे, बल्कि यह है कि हम उन्हें भविष्य में क्या बनने देंगे. कैदी अक्सर अपने अपराध की छाया में जीते हैं. समाज उनकी हर पहचान को अतीत की गलती से जोड़ देता है. लेकिन, जब वे छात्र बनते हैं, जब वे परीक्षा पास करते हैं, तब वे अपनी पहचान के उस घेरे को तोड़ते हैं.

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Author: Preeti Dayal

प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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