5 साल में भू-राजस्व में दोगुनी से ज्यादा हुई बढ़ोतरी, जानिए कौन जिला रहा आगे

Bihar Revenue Department: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भू-राजस्व वसूली में 2020 से 2021 के बाद हर फाइनेंशियल इयर में बढ़ोतरी दर्ज की. साल 2024 से 2025 में विभाग ने 570 करोड़ रुपए की वसूली की और बांका जिला सबसे आगे रहा.

Bihar Revenue Department: पांच साल में बिहार के भू-राजस्व वसूली में दोगुनी से अधिक बढ़ोतरी हुई है. साल 2020-21 में भू-राजस्व से राज्य सरकार को 253.31 करोड़ रुपए मिले थे. जबकि 2024-25 में यह वसूली 570 करोड़ रुपए हुई. इसमें बांका जिला पहले स्थान पर रहा, जबकि सबसे निचले पायदान पर सारण जिला रहा.

पांच साल में करीब 316.69 करोड़ रुपए अधिक भू-राजस्व मिला

इस तरह पांच साल में करीब 316.69 करोड़ रुपए से अधिक भू-राजस्व प्राप्त हुआ. जानकारी के मुताबिक, 2025 से 2026 में भू-राजस्व वसूली का लक्ष्य करीब सात सौ करोड़ रुपए रखा गया था. लेकिन फाइनेंशियल इयर की समाप्ति के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अब तक इसकी प्राप्ति का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है.

भू-राजस्व वसूली की अधिकतर प्रक्रिया ऑनलाइन

सूत्रों के अनुसार, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भू-राजस्व वसूली में फाइनेंशियल इयर 2020-21 के बाद हर फाइनेंशियल इयर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की है. फिलहाल भू-राजस्व वसूली की अधिकांश प्रक्रिया अब ऑनलाइन हो चुकी है. इस कारण लोगों को अब भू-राजस्व भुगतान के लिए अंचल कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे.

इसके साथ ही अब कहीं से भी बैठकर लोग ऑनलाइन अपने भू-राजस्व का भुगतान कर पा रहे हैं. इस कारण विभाग को भी बैंक अकाउंट के माध्यम से इसकी प्राप्ति हो रही है. भू-राजस्व की यह वसूली कृषि भूमि पर किसानों से लगान और पट्टा शुल्क के रूप में हुई. साथ ही सरकारी जमीन को पट्टे पर देकर जमीन और उसके उपयोग से आय के रूप में प्राप्ति हुई.

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Published by: Preeti Dayal

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