Bihar Politics: 'बालू-गोबर खाकर माफी मांगें लालू...,' अंबेडकर के अपमान पर गिरिराज सिंह का तीखा प्रहार

Bihar Politics: राजनीति के मैदान में एक बार फिर शब्दों के तीर चलने लगे हैं. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राजद सुप्रीमो लालू यादव पर डॉ. भीमराव अंबेडकर के अपमान का आरोप लगाते हुए उन्हें दलित समाज से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है. यह विवाद अब राजनीतिक से लेकर कानूनी मोर्चे तक पहुंच चुका है.

Bihar Politics: बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है. केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर डॉ. भीमराव अंबेडकर के अपमान का गंभीर आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि लालू यादव ने बाबा साहेब के खिलाफ टिप्पणी कर दलित समाज का अपमान किया है और इसके लिए उन्हें पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए.

बालू और गोबर खाकर लालू मांगे माफी

गिरिराज सिंह ने कहा, “जिस अंबेडकर को देश के करोड़ों दलित भगवान मानते हैं, उनकी निंदा कर लालू यादव ने अपनी मानसिकता उजागर कर दी है. उन्हें गंगा किनारे जाकर बालू और गोबर खाकर प्रायश्चित करना चाहिए, ताकि समाज उन्हें कभी माफ कर सके. अगर उन्हें हिंदू धर्म पर भरोसा नहीं, तो वे फुलवारी शरीफ जाकर माफी मांगें.”

तेजस्वी यादव पर भी साधा निशाना

सिर्फ अंबेडकर पर टिप्पणी ही नहीं, गिरिराज सिंह ने तेजस्वी यादव के उस बयान को भी निशाने पर लिया जिसमें उन्होंने बीजेपी पर आयोगों और बोर्डों में परिवारवाद का आरोप लगाया था. गिरिराज ने पलटवार करते हुए कहा, “चोर, चोरी पर प्रवचन दे रहा है. ये तो हास्यास्पद है. राजद खुद एक खानदानी पार्टी है. लालू यादव ने पहले अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाया, फिर बेटी को सांसद और बेटे को उपमुख्यमंत्री बना दिया. क्या पूरे बिहार में कोई और योग्य यादव नहीं मिला?”

अनुसूचित जाति आयोग ने लालू को जारी किया नोटिस

इस पूरे मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने लालू यादव को नोटिस जारी कर दिया. आयोग ने उनसे 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है और चेतावनी दी है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो उनके खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा.

फिलहाल लालू के तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं

फिलहाल लालू यादव की तरफ से इस मामले में कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन बीजेपी इस मुद्दे को पूरे राज्य में जोरशोर से उठा रही है, जिससे साफ है कि दलित वोट बैंक को लुभाने की राजनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं. इस बयानबाजी और नोटिस के बाद यह मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर गरमा चुका है.

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लेखक के बारे में

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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