Bihar Politics: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भूमिका जल्द ही केंद्र की राजनीति में दिखने वाली है. लेकिन बिहार में जेडीयू के नेता और कार्यकर्ता सीएम नीतीश से एक बार फिर इस मामले में विचार करने और बिहार छोड़कर नहीं जाने की अपील कर रहे हैं. ऐसे में जेडीयू के नेता आनंद मोहन भी इस फैसले से नाराज दिखे. उन्होंने कहा- जनता के बीच इस फैसले को लेकर आक्रोश है.
आनंद मोहन बोले- विश्वास को ठेस पहुंचा
मीडिया के सवाल पर आनंद मोहन ने यह भी कहा कि जनता के बीच कहा गया था, 2025 से 2030 फिर से नीतीश, इस विश्वास को ठेस पहुंचा है. जो भी लोग ये समझते हैं कि इसका लाभ होगा तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. जेडीयू को तो इस फैसले से नुकसान होगा ही लेकिन इससे ज्यादा बीजेपी को होगा. इसका लाभ प्रतिपक्ष को मिलेगा, क्योंकि पिछड़ा और अति-पिछड़ा लोगों के बीच इस फैसले का कड़ा मैसेज गया है.
निशांत कुमार को CM बनाने पर क्या बोले?
निशांत कुमार को सीएम बनाने के सवाल पर कहा कि निशांत कुमार के आने से उम्मीद जगी है. निशांत कुमार को लाया जाना नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के फैसले के लिए एक शॉक ऑब्जर्वर है. लेकिन निशांत कुमार को सीएम बनाते हैं तो अच्छी बात है. साथ ही निशांत को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने के सवाल पर बोले- उपमुख्यमंत्री क्या होता है? उपमुख्यमंत्री मतलब चुप मुख्यमंत्री. इसलिए अगर लाते हैं तो फुल फ्लेज्ड में लाना चाहिए.
BJP से आनंद मोहन ने किसे किया सपोर्ट?
आनंद मोहन ने आगे यह भी कहा कि अगर बीजेपी से किसी को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो लव-कुश, पिछड़ा या फिर अति पिछड़ा का मैसेज था, उसमें बेहतर विकल्प सम्राट चौधरी हैं. इस तरह से आनंद मोहन ने बिहार के अगले सीएम फेस को लेकर जेडीयू से निशांत कुमार और बीजेपी से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का समर्थन किया है. लेकिन एनडीए की ओर से क्या फैसला लिया जाता है, इसका अब भी इंतजार किया जा रहा है.
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