Bihar News: नगर विकास एवं आवास विभाग ने बिहार के बल्डरों के लिए राहत भरा फैसला लिया है. रेरा बिहार के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने बिल्डरों से आग्रह किया है कि वे अपने परियोजनाओं के रजिस्ट्रेशन सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स और सूचनाएं अपने आवेदन के साथ जमा करें, ताकि उनके परियोजनाओं को कम से कम समय में रजिस्टर्ड किया जा सके.
रेरा अध्यक्ष ने और क्या जानकारी दी?
रेरा अध्यक्ष ने यह भी बताया कि अन्य बड़े राज्यों की तुलना में बिहार में रजिस्टर्ड होने वाली परियोजनाओं की संख्या काफी कम है. प्राधिकरण की ओर से कई मौके दिए जाने की बावजूद पिछले कुछ महीनों में जरूरी कागजात के अभाव में करीब एक सौ आवेदन रद्द करने पड़े. इस समस्या के समाधान के लिए प्राधिकरण ने अब फिल्टर सिस्टम लागू किया है.
नए सिस्टम के लागू होने से क्या होगा फायदा?
इस सिस्टम को इसलिए लागू किया गया ताकि बिल्डरों को आवेदन भरते समय ही कमियों का पता चल जाए और सभी डॉक्यूमेंट्स और सूचनाएं उलपब्ध होने पर ही वे आवेदन भर सकें. जानकारी के मुताबिक, एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया था. इसमें नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार समेत कई लोगों ने हिस्सा लिया. इस दौरान बिल्डरों को नए आवेदन प्रक्रिया के विषय में भी काफी विस्तार से बताया गया.
अध्यक्ष ने इस बात को लेकर जताई चिंता
साथ ही पीछे के अनुभवों के आधार पर बिल्डरों को उन प्रमुख कमियों के विषय से भी अवगत कराया गया, जिनके कारण आवेदन रद्द हुए. इस दौरान विवेक कुमार सिंह ने इस बात पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि बिल्डरों को रेरा बिहार की तरफ से काउंसलिंग की सुविधा भी दी जा रही है. इसके माध्यम से उन्हें जमा किए जाने वाले दस्तावेजों और सूचनाओं के विषय में विस्तार से अवगत कराया जाता है.
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